गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को गुवाहाटी में एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने जापान में आयोजित 20वें एशियाई खेलों में महिलाओं के 75 किलोग्राम बॉक्सिंग वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने के लिए लवलीना को 50 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। यह सम्मान असम की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और लवलीना की ऐतिहासिक उपलब्धि को राज्य की ओर से मान्यता देने के रूप में दिया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, लोक सेवा भवन में आयोजित कार्यक्रम में सरमा ने लवलीना को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि उनकी स्वर्णिम सफलता पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि लवलीना की उपलब्धि युवा खिलाड़ियों को बड़े सपने देखने और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।
जन्मदिन पर जीता ऐतिहासिक स्वर्ण
लवलीना ने 2 अक्टूबर को अपने 29वें जन्मदिन के दिन महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। इस जीत के साथ उन्होंने 2022 के हांगझोउ एशियाई खेलों में जीते रजत पदक का रंग बदलते हुए इस बार स्वर्ण अपने नाम किया। लवलीना एशियाई खेलों में बॉक्सिंग का स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की दूसरी महिला मुक्केबाज बन गई हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि दिग्गज एमसी मैरीकॉम ने 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में 51 किलोग्राम वर्ग में हासिल की थी। इस तरह लवलीना ने भारतीय महिला मुक्केबाजी के इतिहास में अपना नाम एक खास उपलब्धि के साथ दर्ज कराया है।
सेमीफाइनल में विश्व चैंपियन को दी थी चुनौती
स्वर्ण पदक तक पहुंचने के दौरान लवलीना का सफर भी बेहद प्रभावशाली रहा। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने दक्षिण कोरिया की सेओंग सुयोन को 5-0 से हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में उनका सामना कजाकिस्तान की मौजूदा विश्व चैंपियन नताल्या बोगदानोवा से हुआ, जहां लवलीना ने कड़े मुकाबले में 3-2 से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में उन्होंने चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर स्वर्ण पर कब्जा किया।
असम के लिए भी ऐतिहासिक उपलब्धि
लवलीना की यह सफलता सिर्फ भारतीय मुक्केबाजी तक सीमित नहीं है। वह असम की भोगेश्वर बरुआ के बाद व्यक्तिगत स्पर्धा में एशियाई खेलों का स्वर्ण जीतने वाली दूसरी खिलाड़ी बनी हैं। बरुआ ने 1966 के बैंकॉक एशियाई खेलों में 800 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था। लवलीना का स्वर्ण असम के लिए करीब छह दशक बाद व्यक्तिगत एशियाई खेलों के स्वर्ण की उपलब्धि लेकर आया है।
ओलंपिक से एशियाई खेलों तक शानदार सफर
लवलीना पहले ही टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ा चुकी हैं। उनके नाम विश्व चैंपियनशिप और एशियाई चैंपियनशिप के पदक भी हैं। 2026 एशियाई खेलों का स्वर्ण उनके करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस जीत के बाद वह मैरीकॉम के साथ उन चुनिंदा भारतीय महिला मुक्केबाजों में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने ओलंपिक पदक के साथ एशियाई खेलों में स्वर्ण भी जीता है। लवलीना की असम वापसी पर गुवाहाटी के लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। खेल मंत्री बिस्वजीत दैमरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया, परिवार के सदस्यों और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। लवलीना ने इस मौके पर असम के लोगों का समर्थन और शुभकामनाओं के लिए आभार जताया।