जितेंद्र सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : हाई कोर्ट की जस्टिस अमृता सिन्हा ने स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन को चेतावनी दी है कि अगर सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाए का भुगतान नहीं किया गया तो आला अफसरों की तनख्वाह रूक जाएगी। इन आला अफसरों में चेयरमैन, एमडी और चीफ अकाउंट ऑफिसर शामिल हैं। जस्टिस सिन्हा ने कहा कि अगली सुनवाई में भुगतान किया जा चुका है बताते हुए रिपोर्ट दाखिल करनी पड़ेगी। अगर ऐसा नहीं होता है तो इन अवसरों की तनख्वाह रोक दी जाएगी।
रमेश सिंह ने हाईकोर्ट में मामला दायर किया है। पिटीशन की सुनवाई के दौरान यह खुलासा हुआ कि रमेश सिंह ही नहीं इस तरह की और भी 18 कर्मचारी हैं जिनके पीएफ और ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा उनका लीव इनकेशमेंट भी नहीं किया गया है। रमेश सिंह पिछले साल 30 जून को सेवानिवृत्त हुआ था। जस्टिस सिन्हा ने मामले को सुनवाई करते हुए कहा कि कर्मचारियों को मजबूर होकर हाईकोर्ट आना पड़ा है। ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की तरफ से कहा गया कि सेवानिवृत्ति किए जाने से पहले ही राज्य सरकार से फंड रिलीज करने का अनुरोध किया गया था। इस पर जस्टिस सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार के खिलाफ मामला दर्ज करें। इसका खामियाजा कर्मचारी क्यों चुकाएंगे। रमेश सिंह को 24 लाख से अधिक रकम मिलनी है और अभी तक सिर्फ साढ़े पांच लाख ही चुकाया गया है। ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की तरफ से कुछ और समय देने की अपील की गई तो जस्टिस सिन्हा ने इनकार कर दिया। जस्टिस सिन्हा ने कहा कि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय ही उसके सारे बकाए का भुगतान करने के लिए नियोक्ता बाध्य है।