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दस नंबर के पक्ष व विपक्ष में दलील दर दलील

एसएससी के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में रिट

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : एसएससी ने कक्षा 9, 10, 11 और 12 में नयी नियुक्ति प्रक्रिया के तहत नियुक्ति परीक्षा में हिस्सा लेने वाले योग्य टीचरों को दस नंबर अतिरिक्त दिए जाने का फैसला लिया है। इसकी वैधानिकता को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में रिट दायर की गई है। सोमवार को जस्टिस अमृता सिन्हा के कोर्ट में इसके विपक्ष और पक्ष में दलील दर दलील दी गई। अब एसएससी और राज्य सरकार को अपना पक्ष रखना है।

एडवोकेट शमीम अहमद की दलील थी कि इस दस नंबर को अकादमिक स्कोर में शामिल किया गया है। यह दस नंबर पूर्व अनुभव के आधार पर दिए जा रहे हैं। उनकी दलील थी कि 2016 और 2019 के रूल्स में कहीं इस तरह का प्रावधान नहीं है। एसएससी इसके लिए रूल्स 2025 ले आया है। उन्होंने जस्टिस सिन्हा से अपील की कि इस रूल का रिकार्ड तलब करें। एडवोकेट आशिष कुमार चौधरी की दलील थी कि आप गेम के बीच में रूल नहीं बदल सकते हैं। इसके अलावा उनका सवाल था कि अगर कक्षा नौ और दस का टीचर कक्षा 11 और 12 के लिए आवेदन करता है तो फिर उसे पूर्व अनुभव के आधार पर नंबर कैसे देंगे। एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी की दलील थी कि यह एक अनोखी प्रक्रिया है। यहां सात साल तक पढ़ाने के बाद उन्हें फ्रेशरों के साथ परीक्षा देनी पड़ी है। बगैर किसी कुसूर के उन्हें सजा दी गई है। इसलिए अनुभव के नाम पर उन्हें नंबर मिलना ही चाहिए। विपक्ष की दलील है कि सारे मुकाम पर हारने के बाद अपनों को फायदा पहुंचाने के लिए यह फैसला लिया गया। मसलन 29 मई को रूल्स बनाया गया और 30 मई को अधिसूचना जारी करने के साथ ही खाली पदों की घोषणा कर दी गई। अभी बहस जारी रहेगी।


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