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अंडमान में हेलीकॉप्टर क्रैश लैंडिंग, वन-पीएमएफ ने बचाया

मायाबंदर के पास हेलीकॉप्टर की आपात लैंडिंग, बड़ा हादसा टला

वन विभाग, पुलिस और स्थानीय मछवारों की त्वरित कार्रवाई से सभी सुरक्षित

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : मायाबंदर के पास आज एक बड़े हादसे से किसी बड़ी जनहानि की संभावना टल गई, जब एक हेलीकॉप्टर समुद्र में आपात लैंडिंग करने के बाद सुरक्षित बचाव कार्य के लिए वन विभाग, पुलिस और स्थानीय मछवारों की सक्रियता के कारण सभी यात्रियों की जान बच गई। हेलीकॉप्टर में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें पायलट, सह-पायलट और पांच यात्री शामिल थे। यात्रियों में तीन महिलाएं और सात महीने का एक शिशु भी था।

पूर्व प्रमुख मायाबंदर अब्दुल सिद्दीकी ने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब पवन हंस हेलीकॉप्टर मायाबंदर पहुंचने से पहले समुद्र में आपात लैंडिंग करने के लिए मजबूर हुआ। इस अचानक स्थिति में वन विभाग के तीन डीआरएम और एक पीएमएफ स्टाफ सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने बिना देर किए सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य संभाला।

घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वालों में सॉ थॉमस, सॉ मनाशे, सॉ सकारी (वन विभाग के डीआरएम) और कार्तिक (पीएमएफ स्टाफ, पुलिस विभाग) शामिल थे। उनकी तत्परता और साहसिक निर्णय क्षमता की स्थानीय स्तर पर खूब सराहना की जा रही है। इनकी मदद से सात महीने के शिशु सहित सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

स्थानीय मछवारों ने भी बचाव में अहम भूमिका निभाई। उनकी मदद से हेलीकॉप्टर और यात्रियों को समुद्र से बाहर निकालना संभव हुआ। अधिकारियों ने बताया कि अगर उनकी त्वरित कार्रवाई नहीं होती, तो यह हादसा बड़ा रूप ले सकता था।

इस घटना ने वन विभाग और पीएमएफ कर्मचारियों की तत्परता और साहसिक क्षमता को उजागर किया है। अधिकारी और स्थानीय लोग उनकी सराहना कर रहे हैं। पुलिस विभाग ने भी राहत कार्य में सहयोग किया और समुद्री क्षेत्र को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाई।

इस हादसे के बाद सुरक्षा और बचाव कार्य की योजना पर भी जोर दिया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की आपात स्थितियों में तेजी से प्रतिक्रिया की जा सके। यात्रियों के सुरक्षित बचाव के लिए वन विभाग और पीएमएफ कर्मचारियों की तत्परता ने एक बार फिर यह साबित किया कि सही समय पर सही निर्णय जीवन रक्षक हो सकता है।

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