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सुजीत बोस की जमानत याचिका पर सुनवाई टली

ईडी ने एफिडेविट के लिए मांगा समय

अब अगली सुनवाई एक जुलाई को

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पूर्व दमकल मंत्री सुजित बोस की हाई कोर्ट में दाखिल जमानत याचिका पर सुनवाई अधूरी रह गई। सोमवार को मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस जय सेनगुप्त से ईडी ने एफिडेविट दाखिल करने के लिए समय देने की अपील की। सुजीत बोस के एडवोकेट ने गिरफ्तारी के औचित्य पर सवाल उठाया। उन्हें पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया गया है।

सुजित बोस की तरफ से बहस कर रहे एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी कि दलील थी कि 2023 में पालिका नियुक्ति घोटाले को लेकर पीआईएल दायर की गई थी। इसके बाद 2026 तक सीबीआई के किसी भी दस्तावेज में पेटीशनर का नाम नहीं था। न ही कभी सम्मन देकर बुलाया गया था और न ही कोई पूछताछ की गई थी। ईडी ने पहली बार 2026 की मई में बुलाया। इसके बाद दूसरी बार बुलाकर गिरफ्तार कर लिया गया। पेटीशनर ने पूछताछ में सहयोग किया है। यह नहीं स्पष्ट किया गया है कि गिरफ्तार करने की वजह क्या थी। इसके अलावा इस मामले में बहुत सारी विसंगतियां भी हैं। पूरे तीन साल तक तो इस तरह सिर्फ 29 की जाने का जिक्र किया जाता रहा और गिरफ्तारी के बाद ये बढ़कर 150 हो गई है। इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि इससे पहले इस मामले में दाखिल की गई चार्जशीट में से किसी में पेटीशनर का नाम नहीं था। एडवोकेट सिंघवी ने कहा कि प्रॉसीक्यूशन आदत के मुताबिक समय मांगेगा, इसलिए अगले सप्ताह इसकी सुनवाई की जाए। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल धीरज त्रिवेदी ने एफिडेविट दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय देने की अपील की, इस वजह से सुनवाई की अगली तारीख एक जुलाई रखी गई।

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