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निपाह को लेकर उत्तर 24 परगना में स्वास्थ्य विभाग की बैठक

अस्पतालों को दिये गये आवश्यक निर्देश

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बारासात : निपाह वायरस के दस्तक देते ही राज्य सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। उत्तर 24 परगना जिले में दो नर्सों के संक्रमित होने की खबर के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। जिले के मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी (CMOH) डॉ. समुद्र सेनगुप्त ने सभी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ (BMOH) और अस्पताल अधीक्षकों के साथ एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में डॉ. सेनगुप्त ने सभी अस्पतालों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहां उपलब्ध मास्क, पीपीई किट और ऑक्सीजन के स्टॉक की वर्तमान स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल जमा करें। इसके साथ ही, भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दवाओं और उपकरणों की एक सूची भी मांगी गई है ताकि उनकी आपूर्ति समय रहते सुनिश्चित की जा सके। स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा के बुनियादी ढांचे को किसी भी चुनौती के लिए तैयार रखना है। सूत्रों के अनुसार, बारासात में संक्रमित पाई गई दोनों नर्सों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर ली गई है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए उनके परिवार के सदस्यों और साथ काम करने वाले लगभग 35 सहकर्मियों को क्वारंटाइन कर दिया गया है। इन सभी सहकर्मियों के नमूने परीक्षण के लिए कल्याणी स्थित एम्स (AIIMS) भेजे गए हैं।

संबंधित लक्षणवाले मरीजों पर विशेष नजर रखने को कहा गया

प्रशासन इन सभी संदिग्धों पर कड़ी नजर रख रहा है ताकि यदि किसी में भी लक्षण दिखें, तो उसे तुरंत उचित उपचार दिया जा सके। सीएमओएच का कहना है कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों को राज्य सरकार द्वारा जारी नयी गाइडलाइंस के बारे में विस्तार से समझाया गया है। डॉक्टरों और नर्सों को विशेष रूप से 'एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम' और 'सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम' के लक्षणों वाले मरीजों पर नजर रखने को कहा गया है। यदि ऐसा कोई भी मरीज सामने आता है, तो उसके संपर्क में आए लोगों का डेटा तुरंत साझा करना अनिवार्य होगा। संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

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