सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राजभवन में राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस द्वारा तलाशी अभियान को लेकर एक बार फिर तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने कटाक्ष किया। कल्याण बनर्जी ने व्यंग्य किया, बम निरोधक दस्ते की क्या जरूरत थी? वह अमेरिका के राष्ट्रपति से संपर्क कर सकते थे! वह एफबीआई से अपनी तलाशी करवा सकता थे! उन्होंने कहा कि बम पिस्तौल रखकर कोई पुलिस को थोड़ी ना बुलाता है या बम स्क्वॉड को बुलाता है? कोई ऐसा नहीं करता है। सांसद ने आरोप लगाया कि अमित शाह के पास उनका नंबर कम हो गया है, इसलिए नंबर बढ़ाने की राज्यपाल कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर वह संविधान मानकर चलें तो बेहतर होगा लेकिन वह ऐसा नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि अच्छा होगा अगर वह स्पीकर को पत्र लिखेंगे। हमलोगों की मांग भी है कि राज्यपाल को लेकर चर्चा हो। वे जरूर स्पीकर को पत्र लिखें। हमारे लिए भी चर्चा करने में सहुलियत होगी।
इससे पहले दिन यह कहा था सांसन ने
तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने भी रविवार को राज्यपाल पर पलटवार किया तथा उन्होंने भी खुली चुनौती दी। सांसद ने कहा कि ज्यादा बातें ना कहे। मेरे पास भी आपके बारे में कहने के लिए बहुत कुछ है। मैं भी सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा। सांसद ने कहा कि राज्यपाल भाजपा के एजेंट क तरफ काम कर रहे हैं यह मैं प्रमाण कर दूंगा। मुझे एफआईआर का भय नहीं दिखाएं। कल्याण ने कहा कि एक मंच बनाइये, आम जनता और मीडिया को बुलाइये। मैं वहां बताऊंगा कि आप कैसे पार्टी के लिए काम कर रहे हैं।
‘एसआईआर बनाम राजभवन में हथियार’
राज्यपाल ने शनिवार को एसआईआर को ‘चुनाव प्रक्रिया को साफ-सुथरा’ बनाने के लिए जरूरी बताया था। इसके कुछ ही घंटों बाद ही कल्याण बनर्जी ने राज्यपाल पर पलटवार किया और उनपर राजभवन में ‘भाजपा के अपराधियों को पनाह’ देने तथा ‘उन्हें बम और बंदूकें’ देने का आरोप लगाया। पहले इस संस्कृति को समाप्त करें। ऐसे व्यक्ति को मैं योग्य राज्यपाल नहीं मानता। जब तक भाजपा समर्थित राज्यपाल पद पर रहेंगे, पश्चिम बंगाल में स्वस्थ वातावरण संभव नहीं है।