निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हालीशहर : बैरकपुर शिल्पांचल के हालीशहर नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 8 में एक बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय की जमीन को अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश को प्रशासन ने समय रहते विफल कर दिया है। नगर पालिका ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सरकारी संपत्ति या स्कूल की जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ भविष्य में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल का गौरवशाली इतिहास और वर्तमान स्थिति
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 'माखन लाल सिंह स्मृति प्राथमिक विद्यालय' की स्थापना वर्ष 1975 में हुई थी। एक समय था जब यहाँ चार शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत थे और बड़ी संख्या में छात्र शिक्षा ग्रहण करते थे। स्थानीय निवासियों और पूर्व छात्रों का कहना है कि इस स्कूल ने कई होनहार नागरिक तैयार किए हैं। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में छात्रों की संख्या धीरे-धीरे कम होती गई और अंततः शून्य हो गई। छात्र न होने के कारण स्कूल बंद हो गया और वहां के शिक्षकों को अन्य सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित कर दिया गया।
अवैध कब्जे का प्रयास और प्रशासन की सक्रियता
स्कूल के बंद होने का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्वों और भू-माफियाओं ने उस कीमती जमीन पर कब्जा करने की योजना बनाई। हाल ही में, कुछ अज्ञात लोगों ने स्कूल परिसर के चारों ओर दीवार खड़ी करने और बाड़ लगाने का काम शुरू कर दिया था। जैसे ही इसकी खबर हालीशहर नगर पालिका के चेयरमैन शुभंकर घोष तक पहुंची, उन्होंने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए।
चेयरमैन ने नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मियों की एक टीम मौके पर भेजी, जिसने अवैध निर्माण कार्य को तुरंत रुकवा दिया। नगर पालिका की ओर से स्कूल की दीवारों पर आधिकारिक बैनर भी लगा दिए गए हैं, जिन पर स्पष्ट रूप से लिखा है कि यह जमीन नगर पालिका की संपत्ति है और इसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप दंडनीय अपराध होगा।
जनता ने किया स्वागत
गर पालिका की इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय निवासियों और स्कूल के पूर्व छात्रों में खुशी की लहर है। निवासियों का सुझाव है कि यहाँ फिर से स्कूल शुरू किया जाए या फिर एक सार्वजनिक पुस्तकालय (लाइब्रेरी) बनाई जाए ताकि यह स्थान समुदाय के काम आ सके।
हालिशहर नगर पालिका के चेयरमैन शुभंकर घोष ने कहा, "हमें जानकारी मिली थी कि कुछ लोग स्कूल की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। हमने उसे तुरंत बंद करवा दिया है। यह साफ कर दिया गया है कि वह जगह नगर पालिका की है और किसी को भी सरकारी संपत्ति हड़पने की अनुमति नहीं दी जाएगी।"