गुवाहाटी : असम में बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त राहत और मुआवजा देने की मांग को लेकर बुधवार को गुवाहाटी में वाम दलों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों ने CPI(M) कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को मुआवजा देने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता और स्थायी पुनर्वास की मांग उठाई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, CPI(M) और अन्य वाम दलों के कार्यकर्ता गुवाहाटी के उलुबाड़ी स्थित वोल्वो प्वाइंट पर एकत्र हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने ऊपरी असम में जुलाई में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की स्थिति को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बड़ी संख्या में परिवारों के घर, जमीन, फसल, पशुधन और आजीविका के साधन बाढ़ में तबाह हो गए, लेकिन अब तक उन्हें पर्याप्त सहायता नहीं मिल सकी है।
मृतकों के परिवारों को 25 लाख मुआवजे की मांग
वाम दलों ने बाढ़ में मारे गए लोगों के परिवारों को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की। इसके अलावा जिन परिवारों की संपत्ति और आजीविका को गंभीर नुकसान पहुंचा है, उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग भी की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राहत राशि के वितरण में किसी भी पात्र परिवार को वंचित नहीं किया जाना चाहिए। वाम दलों ने असम में हर साल आने वाली बाढ़ को केवल राज्य की समस्या न मानकर राष्ट्रीय आपदा के रूप में देखने की मांग की। उनका कहना था कि बार-बार आने वाली बाढ़ से राज्य के बुनियादी ढांचे, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होता है और इसके स्थायी समाधान के लिए केंद्र से बड़े पैमाने पर आर्थिक एवं तकनीकी सहायता जरूरी है।
प्रदर्शनकारियों को रोके जाने पर तनाव
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। उन्हें बाद में चाचल स्थित धरना स्थल ले जाने की जानकारी सामने आई है।
बाढ़ राहत को लेकर पहले से जारी है आंदोलन
असम में बाढ़ राहत और मुआवजे को लेकर पिछले कई दिनों से राजनीतिक आंदोलन तेज है। रायजोर दल के अध्यक्ष और शिवसागर विधायक अखिल गोगोई ने भी विधानसभा परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर रखा है। वह शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट के बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल 15 हजार रुपये की अंतरिम सहायता, दो जिलों के लिए अतिरिक्त 10 हजार रुपये तथा गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। गोगोई ने सरकार को राहत राशि के समयबद्ध वितरण के लिए 8 अक्टूबर तक का समय दिया है और कहा है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो इसके बाद व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इससे पहले 23 सितंबर को भी ऊपरी असम के बाढ़ प्रभावित लोगों ने गुवाहाटी के चाचल में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया था कि कई परिवारों को घर, कृषि भूमि और फसल के नुकसान के बावजूद पर्याप्त सरकारी सहायता नहीं मिली है।