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नवंबर के मुकाबले दिसंबर में कुछ अधिक रहा GST संग्रह

दिसंबर महीने में सकल जीएसटी संग्रह 6.1 प्रतिशत बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।

नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने पिछले सितंबर महीन में सैकड़ों जीएसटी दरों में कमी की थी। इसका असर पिछले महीने के जीएसटी संग्रह स्प्ष्ट तौर पर दिखा है। दिसंबर महीने में सकल जीएसटी संग्रह 6.1 प्रतिशत बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। करों में कटौती के बाद घरेलू बिक्री राजस्व में वृद्धि सुस्त रहने से जीएसटी संग्रह की रफ्तार नरम पड़ी है। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी दी गई है।

दिसंबर 2024 में सकल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व 1.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा था। गौरतलब है नवंबर 2025 में भारत का कुल जीएसटी संग्रह लगभग 1.70 लाख करोड़ रुपये रहा और अक्टूबर 2025 में भारत का कुल जीएसटी संग्रह 1,95,936 करोड़  रुपये था।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 202अक्टूबर 2024 में भारत का सकल GST संग्रह 5 में घरेलू लेनदेन से सकल राजस्व 1.2 प्रतिशत बढ़कर 1.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया जबकि आयातित वस्तुओं से राजस्व 19.7 प्रतिशत बढ़कर 51,977 करोड़ रुपये रहा। दिसंबर में कर ‘रिफंड’ 31 प्रतिशत बढ़कर 28,980 करोड़ रुपये रहा।

शुद्ध जीएसटी राजस्व 1.45 लाख करोड़

शुद्ध जीएसटी राजस्व (कर रिफंड समायोजन के बाद) 1.45 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.2 प्रतिशत अधिक है। पिछले महीने उपकर संग्रह घटकर 4,238 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 12,003 करोड़ रुपये था। उल्लेखनीय है कि 22 सितंबर, 2025 से लगभग 375 वस्तुओं पर जीएसटी की दरें कम कर दी गईं। इससे सामान सस्ता हुआ है। इसके अलावा पहले की तरह विलासिता, अहितकर वस्तुओं पर क्षतिपूर्ति उपकर अब नहीं लगाया जाता है। अब केवल तंबाकू एवं संबंधित उत्पादों पर ही यह लगाया जाता है। जीएसटी दरों में कमी से राजस्व संग्रह प्रभावित हुआ है।

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