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नए पाठ्यक्रम को 210 'लेसन प्लान' में पूरा करेगी सरकार

गैर-शैक्षणिक कामों से शिक्षकों को जल्द मिलेगी राहत

Munmun Thakur

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : शिक्षकों की लगातार शिकायतों के बीच कि सरकारी योजनाएं, चुनाव और जनगणना जैसे गैर-शैक्षणिक कार्य पढ़ाई में बाधा बनते हैं, स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने यहां पत्रकारों से बातचीत में एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि ''सिलेबस-कम-करिकुलम कमेटी'' को निर्देश दिए गए हैं कि नए पाठ्यक्रम को इस तरह डिजाइन किया जाए ताकि इसे 200 से 210 लेसन प्लान के भीतर आसानी से पूरा किया जा सके। इस पर कमेटी के चेयरमैन देबाशीष चट्टोपाध्याय ने पुष्टि की कि इस लक्ष्य को ध्यान में रखकर काम तेजी से चल रहा है और सरकार अगले शैक्षणिक वर्ष के लिए पढ़ाई के प्रभावी दिनों (instructional days) को बढ़ाने के विकल्पों पर भी गंभीरता से विचार कर रही है।

पाठ्यक्रम पूरा करने में शिक्षकों की व्यावहारिक चुनौतियां

मंत्री की इस योजना पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षकों और संगठनों ने इसके क्रियान्वयन पर कई अहम सवाल खड़े किए हैं। वेस्ट बंगाल गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी का कहना है कि छुट्टियों, परीक्षाओं और मूल्यांकनों को निकाल देने के बाद वर्तमान में पढ़ाई के दिन घटकर मात्र 180 रह गए हैं, जबकि इस ''लेसन प्लान'' को सफलता से लागू करने के लिए कम से कम 245 कार्य दिवसों की आवश्यकता है। इसके अलावा, ''एडवांस्ड सोसाइटी फॉर हेडमास्टर्स एंड हेडमिस्ट्रेसेस'' के राज्य सचिव चंदन माइती ने स्कूलों में विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा उठाया है। उनका तर्क है कि केवल योजना बनाने से बात नहीं बनेगी, बल्कि समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए तुरंत नए शिक्षकों की भर्ती करनी होगी और पढ़ाई के दिनों को बढ़ाकर कम से कम 220 करना होगा।

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