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12 जिलों के गैर-सरकारी मदरसों का आंकड़ा जुटाएगी सरकार

15 जुलाई तक जांच और 21 को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

1000 से अधिक गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का जुटाया जाएगा ब्योरा

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के 12 जिलों में बिना सरकारी सहायता के चल रहे मदरसों के व्यापक निरीक्षण का निर्देश जारी किया है। अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को 15 जुलाई तक निरीक्षण कार्य पूरा करना होगा और 21 जुलाई तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। यह निर्णय मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त, दोनों प्रकार के गैर-सरकारी मदरसों पर लागू होगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य इन संस्थानों के कामकाज की समीक्षा करना और यह सुनिश्चित करना है कि वे राज्य की शिक्षा नीतियों और नियामक ढांचे के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया से छात्रों के कल्याण और संस्थागत व्यवस्था में सुधार लाने में मदद मिलेगी।

गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों के फंड और पाठ्यक्रम की होगी जांच

राज्य में विशेष रूप से 'खारिजी' (गैर-मान्यता प्राप्त) मदरसों का कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, हालांकि इनकी संख्या 1,000 से अधिक मानी जाती है। इस निरीक्षण अभियान के माध्यम से सरकार इन मदरसों की स्थापना, उनके फंड के स्रोतों, नामांकित छात्रों की संख्या, शिक्षकों व कर्मचारियों के ब्योरे, पाठ्यक्रम और आवासीय व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाएगी। इस जांच अभियान के लिए मदरसा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य सरकारी एजेंसियों को ज़िलेवार जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिन 12 जिलों को इसके लिए चुना गया है, उनमें कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, पश्चिम मिदनापुर, पूर्व मिदनापुर, नदिया, हुगली, हावड़ा, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना शामिल हैं। सभी जांच अधिकारी निर्धारित प्रारूप में अपनी रिपोर्ट तैयार कर विभाग को जमा करेंगे।

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