निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : जिला परिषद में पिछले कई दिनों से जारी राजनीतिक गतिरोध आखिरकार शुक्रवार को समाप्त हो गया। तत्कालीन बोर्ड के भंग होने के ठीक 23 दिन बाद जिला परिषद के नए बोर्ड का विधिवत गठन कर लिया गया। परिषद भवन में आयोजित एक विशेष शपथ ग्रहण समारोह में कर्माध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुकीं गोपा घोष को नया सभाधिपति चुना गया। वहीं, हालिया राजनीतिक घटनाक्रम में मुख्य भूमिका निभाने वाले सदस्य तुषार कांति घोष ने सह-सभाधिपति के रूप में शपथ ली। चुनाव के दौरान जिला परिषद के कुल 44 सदस्यों में से 36 सदस्य उपस्थित रहे। नए नेतृत्व के चयन के साथ ही जिले में रुके हुए विकास कार्यों को दोबारा रफ्तार मिलने की उम्मीद है। पदभार संभालने के बाद नवनियुक्त पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब जिला परिषद पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त है और उनका एकमात्र एजेंडा विकास है।
अविश्वास प्रस्ताव और राजनीतिक घमासान के बाद नया बोर्ड गठित
सभाधिपति गोपा घोष ने कहा कि बोर्ड लोगों के लिए है, हमारा उद्देश्य सही मायनों में विकास और सरकारी सुविधाओं को ग्राम-ग्राम तक पहुंचाना है। सह-सभाधिपति तुषार कांति घोष ने बताया कि अगले 15 दिनों के भीतर राज्य मंत्री उमेश राय और स्थानीय विधायकों के साथ एक अहम बैठक की जाएगी, जिसमें कई लोक-कल्याणकारी योजनाओं का खाका तैयार कर राज्य सरकार के समक्ष मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उल्लेखनीय है कि जून के मध्य में सदस्य तुषार कांति घोष ने तत्कालीन सभाधिपति कावेरी दास और सह-सभाधिपति अजय भट्टाचार्य के खिलाफ भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद 25 सदस्यों के समर्थन से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के कारण पूर्ववर्ती बोर्ड को इस्तीफा देना पड़ा था, जिसके बाद से प्रशासनिक जिम्मेदारी जिला मजिस्ट्रेट (DM) दीपाप प्रिया पी संभाल रही थीं।