विशाखा तिवारी
West Bengal में सत्ता परिवर्तन के बाद सिर्फ राजनीति ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की बातचीत का अंदाज भी बदलता नजर आ रहा है। कभी “गुड मॉर्निंग” या “नमस्कार” से दिन की शुरुआत करने वाले लोग अब “जय श्री राम” के साथ एक-दूसरे का अभिवादन करते दिख रहे हैं।
कोलकाता की सड़कों से लेकर छोटे कस्बों तक, ऑटो चालकों, दुकानदारों और सफाई कर्मचारियों की जुबान पर अब “राम नाम” सुनाई दे रहा है। यह बदलाव अचानक नहीं, बल्कि बदलते राजनीतिक माहौल और सामाजिक भावनाओं का असर माना जा रहा है।
Bharatiya Janata Party की जीत के बाद समर्थकों में उत्साह साफ झलक रहा है। कई जगहों पर लोग इसे “नए दौर की शुरुआत” के रूप में देख रहे हैं, जहां धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान खुलकर सामने आ रही है।
कोलकाता के कई इलाकों में सुबह-सुबह ऑटो स्टैंड पर “जय श्री राम” की गूंज सुनाई देती है। एक ऑटो ड्राइवर ने बताया कि पहले लोग “नमस्कार” कहते थे, लेकिन अब माहौल बदल गया है और लोग खुद ही “जय श्री राम” बोलकर बातचीत शुरू करते हैं।
सफाई कर्मियों और छोटे दुकानदारों के बीच भी यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है। कुछ लोग इसे अपनी आस्था से जोड़ रहे हैं, तो कुछ इसे नए राजनीतिक माहौल का असर बता रहे हैं।
हालांकि इस बदलाव को लेकर समाज में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। जहां एक वर्ग इसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण मान रहा है, वहीं कुछ लोग इसे सामाजिक संतुलन के नजरिए से देख रहे हैं। भाषा और अभिवादन के तरीके समाज के बदलते रुझानों को दर्शाते हैं। बंगाल जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य में इस तरह का बदलाव एक बड़े सामाजिक परिवर्तन की ओर इशारा कर सकता है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बदलाव कितना स्थायी रहता है और क्या यह सिर्फ राजनीतिक उत्साह तक सीमित है या समाज के स्थायी व्यवहार का हिस्सा बनता है।
फिलहाल इतना तय है कि बंगाल की सड़कों पर अब सुबह की शुरुआत एक नए अंदाज में हो रही है । जहां “गुड मॉर्निंग” की जगह “जय श्री राम” ने ले ली है।