मुंबई/ हैदराबाद : गणेशोत्सव के समापन पर शुक्रवार को मुंबई और हैदराबाद समेत देश के कई हिस्सों में भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हुआ। मुंबई में ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों, ढोल-ताशों की थाप और गुलाल-फूलों की वर्षा के बीच सुबह से ही विसर्जन शोभायात्राएं निकलीं। सार्वजनिक गणेश मंडलों की शोभायात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
लालबाग इलाके में ‘लालबागचा राजा’ समेत विभिन्न गणेश पंडालों से निकलने वाली शोभायात्राओं को देखने के लिए महिलाओं, बच्चों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। भक्त नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए गिरगांव चौपाटी सहित विभिन्न विसर्जन स्थलों की ओर बढ़े।
मुंबई में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए 24 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जबकि बीएमसी ने 25 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। कृत्रिम तालाबों के साथ लाइफगार्ड, एंबुलेंस, चिकित्सकीय दल और क्रेन जैसी आपात सेवाओं की भी व्यवस्था की गई है।
लालबागचा राजा पंडाल के पास 68 वर्षीय व्यक्ति की मौत
इस बीच, लालबागचा राजा पंडाल के पास बेहोश हुए 68 वर्षीय विजय आनेकर की अस्पताल में मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, वह बृहस्पतिवार रात हनुमान मंदिर के पास बैठे थे, तभी बेहोश हो गए। उन्हें ग्लोबल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौत का कारण तत्काल स्पष्ट नहीं हुआ है। इससे पहले 17 सितंबर को 25 वर्षीय जयदीप मेघराज नेमाडे की भी लालबागचा राजा पंडाल में तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हुई थी।
हैदराबाद में भी विसर्जन का उत्साह
तेलंगाना में 14 सितंबर से शुरू हुए विनायक चविथि उत्सव के समापन पर शुक्रवार को गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। हैदराबाद में हुसैन सागर समेत विभिन्न जलाशयों के विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
सुरक्षा के लिए करीब 30 हजार पुलिसकर्मियों और 10 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। निगरानी के लिए 24 ड्रोन और करीब 100 ऊंची इमारतों पर कैमरे लगाए गए हैं। खैरताबाद की 69 फुट ऊंची ‘पंचमुख संकट हरा महागणपति’ प्रतिमा इस वर्ष प्रमुख आकर्षण रही।