गैंगस्टर अमृतपाल सिंह को मोल्दोवा से प्रत्यर्पित किया गया 
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जग्गू भगवानपुरिया गिरोह का गैंगस्टर शिकंजे में

मोल्दोवा से प्रत्यर्पित

Kamlesh Pandey

चंडीगढ़ : पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों की मदद से जग्गू भगवानपुरिया गिरोह के एक प्रमुख सदस्य अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दलम को मोल्दोवा गणराज्य से प्रत्यर्पित कर भारत पहुंचाया है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने इसे संगठित अपराध के खिलाफ अभियान में बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब पंजाब पुलिस ने यूरोप के किसी देश से किसी अभियुक्त का प्रत्यर्पण कराया है।

कई गंभीर मामलों में वांछित था अमृतपाल

पुलिस के अनुसार अमृतपाल सिंह हत्या, हत्या के प्रयास, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), आयुध अधिनियम और मादक पदार्थों से जुड़े कई मामलों में वांछित था। उसे जग्गू भगवानपुरिया गिरोह का प्रमुख सदस्य बताया गया है। पंजाब पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।

यूक्रेन में प्रवेश की कोशिश के दौरान पकड़ा गया

अमृतपाल को 24 फरवरी को मोल्दोवा के अधिकारियों ने उस समय हिरासत में लिया था, जब वह ओताची सीमा के रास्ते यूक्रेन में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस के विदेश भागे भगोड़ों का पता लगाने एवं उनके प्रत्यर्पण संबंधी प्रकोष्ठ (OFTEC) ने उसे भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

चिशिनाउ की अदालत ने दी प्रत्यर्पण की मंजूरी

प्रत्यर्पण प्रक्रिया के दौरान चिशिनाउ की एक अदालत ने 26 मई को अमृतपाल सिंह को भारत भेजने की मंजूरी दे दी। इसके बाद उसने प्रत्यर्पण के आदेश को चुनौती देते हुए अपील दायर की, लेकिन 16 जुलाई को अपीलीय अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद भारत लाने का रास्ता साफ हो गया।

संगठित अपराध के खिलाफ अभियान को बढ़ावा

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि यूरोप के किसी देश से पंजाब पुलिस द्वारा कराया गया यह पहला प्रत्यर्पण है। उन्होंने इसे संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की लड़ाई में महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया। अमृतपाल के भारत आने से उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच और कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाने में पुलिस को मदद मिलने की उम्मीद है।

विदेश भागे आरोपियों पर पुलिस की नजर

पंजाब पुलिस का OFTEC विदेश भाग चुके वांछित आरोपियों का पता लगाने और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत भारत वापस लाने के लिए काम करता है। अमृतपाल का प्रत्यर्पण ऐसे समय हुआ है जब पंजाब पुलिस संगठित अपराध और गिरोहों से जुड़े मामलों में विदेशों में छिपे आरोपियों को वापस लाने पर जोर दे रही है।

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