सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : महानगर में गणेश पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं। शहर के कई हिस्सों में पूजा समितियां पंडाल सजाने और मूर्ति स्थापना की तैयारियों में व्यस्त नजर आ रही हैं। कारीगर रात-दिन मेहनत कर आकर्षक पंडाल और भव्य गणेश प्रतिमाएं तैयार कर चुके हैं। महाराष्ट्र से शुरू हुई गणेश उत्सव की परंपरा अब बंगाल में भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है। कोलकाता में इस बार कई समितियों ने आधुनिक और पारंपरिक थीम पर आधारित पंडाल बनाने का निर्णय लिया है। कुछ जगहों पर पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता को थीम बनाया गया है। बाजारों में भी पूजा को लेकर रौनक देखी जा रही है। सजावट की सामग्री, पूजा-सामग्री और मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ उमड़ रही है। कुम्हारटोली में बड़ी संख्या में लोग बप्पा की मूर्ति लेने पहुंच रहे हैं।
बड़ाबाजार में बांसतल्ला का महाराजा
श्री गणेश चतुर्थी के अवसर पर कोमल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से बांसतल्ला का महाराजा बड़ाबाजार में आकर्षण का केन्द्र है। समाजसेवी नरेन्द्र अग्रवाल, झबरू दुजारी, दीपक बंका, श्रीबल्लभ दुजारी, दीपू विद्यासरिया, रामकुमार मूंधड़ा, ऋषभ मूंधड़ा, उत्तम सोनकर, राजू बाजपेई ने गणेश चतुर्थी महोत्सव के शुभारम्भ के अवसर पर पण्डित मोहित व्यास के मार्गदर्शन में भक्ति भाव से गणेश पूजन किया। श्रीबल्लभ दुजारी ने बताया कि साक्षरता, शिक्षा की थीम पर मनमोहक, आकर्षक पंडाल की सजावट की गई है।
बांग्ला आमार मां की थीम
महानगर की सबसे पुरानी गणेश पूजा में एक युवक संघ (आदी) बीबी ब्लॉक के प्रेसिडेंट अनिंद्य चटर्जी ने बताया, ‘इस बार बांग्ला आमार मां विषय है। संथाली समाज की राज्य में अहम भूमिका रही है, लेकिन बदलते समय के साथ उनकी कला व संस्कृति लुप्त होती जा रही है। इस कारण संथाल हाउस के तर्ज पर पण्डाल बनाया गया है। पण्डाल को पूरी तरह संथाल हाउस की तरह डिजाइन किया गया है। इसके माध्यम से संथाली समाज की संस्कृति व कला को लोकप्रिय करना हमारा उद्देश्य है।
हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में भी जोरों पर तैयारियां
ना केवल पण्डालों बल्कि हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में भी गणेश पूजा की धूम बढ़ती जा रही है। वीआईपी रोड स्थित बागुईआटी के एग्ज़ीक्यूटिव पैलेस कॉम्प्लेक्स में 2025 की थीम रखी गई है ‘वीर गणेशा-रक्षा के देवता।’ इस वर्ष का उत्सव 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के शहीदों को समर्पित होगा, पंडाल में उस घटना के मार्मिक दृश्य प्रदर्शित किए जाएंगे। पंडाल की भव्यता बढ़ाने के लिए जीवन-आकार का एक फाइटर एयरक्राफ्ट इंस्टॉलेशन भी लगाया जा रहा है, जो ऑपरेशन सिंदूर का प्रतीक होगा। इस साल की प्रतिमा प्रख्यात कलाकार दिपंकर पॉल ने तैयार की है। एग्ज़ीक्यूटिव पैलेस कॉम्प्लेक्स के सचिव अंकित अग्रवाल ने कहा, ‘हमारा प्रयास हमेशा संस्कृति को चेतना से जोड़ने का रहा है। इस वर्ष का आयोजन उन वीरों को नमन है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
दक्षिणा के लिए लगाया गया स्कैनर
भवानीपुर स्थित गणपति भक्त मण्डल के गोपी ठक्कर ने बताया कि इस बार विशेष पहल करते हुए पण्डाल में स्कैनर लगाया गया है। किसी को एक रुपये भी दक्षिणा देनी होगी तो वह ऑनलाइन दे सकेगा। जिस तरह पूरी दुनिया डिजिटल होती जा रही है, उसे ध्यान में रखते हुए ऐसा किया गया है। पण्डाल की बात करें ताे बप्पा ध्यान में बैठे हुए हैं और नीले रंग की प्रतिमा बनायी गयी है। वहीं पूजा के दिन 108 दीये के साथ आरती की जायेगी। इधर, ज्योतिनगर बंधु महल के चेयरमैन पियूष कानोड़िया ने बताया कि गणेश पूजा के लिए हर बार की तरह इस बार भी विशेष तैयारी की गयी है। पूरे 10 दिनों का कार्यक्रम चलेगा।