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'रोहित शर्मा को गंभीर ने कप्तानी से हटवाया'

पूर्व क्रिकेटर और बंगाल के खेल मंत्री मनोज तिवारी ने कहा है कि गौतम गंभीर ने मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के कंधे पर बंदूक रख कर चलायी और रोहित शर्मा को कप्तानी से हटा दिया।

मुंबईः पिछले साल जब भारतीय क्रिकेट टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे की घोषणा हुई तो इस घोषणा ने सबको चौंका दिया था। और एक तरह से क्रिकेट प्रशंसकों को भारी झटका भी लगा था। दरअसल ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए कुछ माह पहले ही चैंपियंस ट्रॉफी जिताने वाले कप्तान रोहित शर्मा से कप्तानी लेकर शुभमन गिल को सौंप दी गयी थी। इस फैसले की बीसीसीआई और उसके सेलेक्टरों की कुछ पूर्व क्रिकेटरों और क्रिकेट प्रशंसकों जमकर आलोचना की थी।

रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाने के इतने दिनों के बाद भी यह मामला जब-तब उठता रहता है। अब पूर्व क्रिकेटर और बंगाल के खेल मंत्री मनोज तिवारी ने रोहित को कप्तानी से हटाने के पीछे कोच गौतम गंभीर को जिम्मेवार बताया है। उन्होंने कहा है कि गौतम ने मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के कंधे पर बंदूक रख कर चलायी और रोहित को कप्तानी से हटा दिया। जबकि दो ने दो सालों में दो आईसीसी ट्रॉफी जिताई है।

अजीत के कंधे पर बंदूक रखकर गंभीर ने चलाई बंदूक

मनोज तिवारी ने कहा, “मुझे नहीं पता कि मुख्य कारण क्या है। लेकिन अजीत अगरकर को जानने के नाते, वह एक पर्सनैलिटी हैं। वह फैसला लेने वाले इंसान हैं। ऐसे कदम उठाने में वह पीछे नहीं हटेंगे। लेकिन क्या किसी ने उन्हें अपने कंधे पर बंदूक रखकर चलाने के लिए प्रभावित किया, यह हमें देखना होगा। पर्दे के पीछे बहुत सी चीजें होती हैं, जिससे 1+1- 2 हो जाता है। हो सकता है कि फैसला चीफ सेलेक्टर ने लिया हो, और वह इस बारे में बहुत साफ थे। स्वाभाविक रूप से, कोच का इनपुट भी रहा होगा। आप अकेले फैसला नहीं ले सकते। जो भी फैसला लिया गया, उसके लिए दोनों बराबर जिम्मेदार हैं,”

रोहित अब पहले जैसे नहीं रहे

मनोज तिवारी को लगता है कि रोहित शर्मा अब पहले जैसे नहीं रहे। वह आगे कहते हैं कि अब जब रोहित कप्तान नहीं रहे, तो विराट कोहली के होने के बावजूद उन्हें भारत के वनडे मैच देखने में कोई दिलचस्पी नहीं रही। रोहित भी अब पहले जैसे नहीं रहे। वह अब उतने जोश में नहीं दिखते, और भले ही कैमरे उन्हें कभी-कभी हंसते हुए और गेंदबाजों से बात करते हुए दिखाते हैं, लेकिन जिस रोहित ने कभी मशहूर 'गार्डन बॉयज' वाली बात कही थी, वह अब पीछे रह गए हैं।

रोहित को कप्तानी से हटाने का तुक नहीं था

मनोज तिवारी ने कहा कि रोहित को हटा कर उन्हें अपमानित किया गया। वह कहते हैं, "देखिए, मेरी राय में प्लेइंग इलेवन चुनने में बहुत ज़्यादा इनकंसिस्टेंसी रही है। अगर मैं सच कहूं तो, मेरी वनडे मैच देखने में दिलचस्पी खत्म हो गई है। हाल ही में जो कुछ हुआ, जब T20 वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान और चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाले कप्तान को कप्तानी से हटा दिया गया, और जिम्मेदारी एक नए लड़के को दे दी गई, जिसकी मुझे लगता है कि जरूरत नहीं थी। मैं रोहित के साथ खेला हूं। हमारा एक कनेक्शन है, इसलिए मुझे यह सब अच्छा नहीं लगा। मुझे लगा कि यह उस क्रिकेटर का अपमान है जिसने दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को इतना कुछ दिया है। उस दिन से, मेरी थोड़ी दिलचस्पी कम हो गई। बहुत सारी कंट्रोवर्सी हो रही हैं, और मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि स्थिति साफ नहीं है।"

रोहित की काबिलिय पर क्यों शक किया गया

रोहित और विराट कोहली 2027 का विश्व कप खेलेंगे कि नहीं, इस पर काफी बहस हो चुकी है। खास कर अजीत अगरकर के स्पष्ट तौर पर पूरी संभावना से इनकार करने के बाद। मनोज तिवारी कहते हैं, रोहित एक साबित कप्तान हैं। उन्होंने दो आईसीसी ट्रॉफियां जीती हैं। हम 2023 में लगभग चूक गए थे। मुझे लगा कि ट्रैविस हेड किस्मत वाले थे; वह उनका दिन था। अगर हम वह जीत जाते, तो रोहित के पास तीन ट्रॉफियां होतीं। मुझे बस हैरानी होती है कि आपको रोहित के 2027 वर्ल्ड कप खेलने को लेकर शक क्यों था। इसका मतलब है कि आपको उनकी काबिलियत पर शक था। आप ऐसा क्यों करेंगे? जब उन्होंने तीन डबल सेंचुरी बनाई हैं, तो उन पर शक करने का कोई सवाल ही नहीं था। एक बड़ा खिलाड़ी हमेशा रन बनाता है। जिस सोच के साथ उन्होंने 2023 में खेला, वह इतने निस्वार्थ क्रिकेटर हैं, वह एक बयान देना चाहते थे। उनकी काबिलियत पर शक करना एक बड़ी गलती थी, और फिर उन्हें कप्तानी से हटाना भी एक बड़ी गलती थी। मुझे लगा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। उन्हें कप्तान के पद से हटाने के पीछे क्रिकेट का कोई लॉजिक नहीं हो सकता।

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