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नाबालिग गुमशुदगी का मामला : पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रहे दुष्प्रचार को नकारा

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बनगांव : पश्चिम बंगाल के गायघाटा थाना क्षेत्र से लापता हुई 14 वर्षीय नाबालिग के मामले में बनगांव जिला पुलिस ने सफलता हासिल की है। पुलिस ने न केवल नाबालिग को सुरक्षित बचा लिया है, बल्कि इस घटना के पीछे चल रहे राजनीतिक और धार्मिक दुष्प्रचार की हवा भी निकाल दी है। सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बनगांव की पुलिस अधीक्षक (SP) विदिशा कलिता दासगुप्ता ने घटना की पूरी सच्चाई सामने रखी।

केसपुर से हुई बरामदगी, आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, 16 अप्रैल की सुबह वह नाबालिग ट्यूशन जाने के नाम पर घर से निकली थी और वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत के बाद जांच में जुटी गायघाटा पुलिस ने रविवार को पश्चिम मेदिनीपुर के केशपुर इलाके से लड़की को बरामद किया। इस मामले में पुलिस ने एक युवक को भी गिरफ्तार किया है।

सोशल मीडिया पर दोस्ती और प्रेम प्रसंग का मामला

एसपी विदिशा कलिता दासगुप्ता ने बताया कि यह मामला किसी साजिश या राजनीति का नहीं, बल्कि आपसी प्रेम प्रसंग का है। पूछताछ में पता चला कि सोशल मीडिया के जरिए युवक और नाबालिग की जान-पहचान हुई थी। पिछले दो वर्षों से वे एक-दूसरे के संपर्क में थे और इसी वजह से नाबालिग अपनी मर्जी से युवक के साथ गई थी।

भ्रामक खबरों पर पुलिस की चेतावनी

पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट रूप से कहा, "इस घटना को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से पेश कर सांप्रदायिक या राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई है। हम यह साफ करना चाहते हैं कि इस मामले का किसी भी धर्म या राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।" फिलहाल, नाबालिग को होम भेज दिया गया है और आरोपी युवक को बनगांव उप-संभागीय अदालत में पेश किया गया है।

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