निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : हावड़ा जिले के प्रमुख पर्यटन केंद्र गादियाड़ा के दिन अब फिर बदलने की उम्मीद जगी है। रूपनारायण, भागीरथी और हुगली नदियों के संगम पर स्थित यह इलाका अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और मनमोहक सूर्योदय व सूर्यास्त के दृश्यों के लिए लंबे समय से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। सप्ताहांत में कोलकाता समेत आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। दक्षिण 24 परगना के नूरपुर और पूर्व मेदिनीपुर के गेओंखाली से जलमार्ग के जरिए भी पर्यटक गादियाड़ा आते हैं। हालांकि, बुनियादी सुविधाओं और मनोरंजन के पर्याप्त साधनों के अभाव में पिछले कुछ समय से यहां पर्यटकों की संख्या में कमी आई है।
अधूरी योजनाओं से कारोबार पर असर पड़ने का है अरोप
स्थानीय व्यवसायियों और होटल संचालकों का कहना है कि गादियाड़ा के सौंदर्यीकरण को लेकर पहले भी कई योजनाओं की घोषणा हुई थी, लेकिन अधिकांश योजनाएं कागजों तक ही सीमित रह गईं। वर्तमान में नदी किनारे घूमने और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने के अलावा पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण के साधन बेहद सीमित हैं। बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, आधुनिक मनोरंजन सुविधाएं और बेहतर पर्यटक आधारभूत ढांचे की कमी का सीधा असर स्थानीय कारोबार पर पड़ रहा है। हालांकि नयी सरकार से व्यवसायियों को उम्मीद है कि अब इस क्षेत्र के विकास के साथ उनके भी दिन बहुरेंगे।
विधायक ने की पहल, मंत्रालय में भेजा प्रस्ताव
गादियाड़ा को फिर से आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए श्यामपुर के विधायक हिरण्मय चट्टोपाध्याय ने पहल की है। उन्होंने कहा कि राज्य के पर्यटन मंत्री को पत्र भेजकर उन्होंने गादियाड़ा के समग्र विकास और सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव में पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने और इलाके को आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में तैयार करने पर जोर दिया गया है। विधायक का कहना है कि प्राकृतिक संपदा से भरपूर गादियाड़ा में राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल होने की पूरी क्षमता है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद विकास कार्य शुरू होने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों और व्यवसायियों को भरोसा है कि गादियाड़ा के पुनर्विकास से यहां फिर पर्यटकों की चहल-पहल बढ़ेगी और स्थानीय पर्यटन कारोबार को भी नई गति मिलेगी।