दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के समूह G7 के विदेश मंत्रियों ने Iran द्वारा पड़ोसी देशों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। इस संयुक्त बयान में Canada, France, Germany, Italy, Japan, United Kingdom और United States के साथ European Union के प्रतिनिधि शामिल थे।
बयान में कहा गया कि ईरान और उसके सहयोगी समूहों द्वारा नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, खासकर ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर किए गए हमले “अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना” हैं। United Nations Security Council के प्रस्ताव 2817 के अनुरूप इन हमलों की निंदा करते हुए G7 ने तुरंत और बिना शर्त सभी हमले रोकने की मांग की।
ईरान के हमलों से Bahrain, Kuwait, Oman, Qatar, Saudi Arabia, United Arab Emirates, Jordan और Iraq जैसे देशों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हुआ है। G7 ने कहा कि ये हमले क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती हैं।
समूह ने Strait of Hormuz समेत अहम समुद्री मार्गों की सुरक्षा और वैश्विक सप्लाई चेन को बनाए रखने पर जोर दिया। साथ ही, International Energy Agency के सदस्य देशों द्वारा 11 मार्च को लिए गए तेल भंडार जारी करने के फैसले का समर्थन करते हुए ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
G7 ने यह भी दोहराया कि ईरान को कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देना चाहिए और उसे अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों को रोकना होगा।
बयान में उन देशों के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया गया, जो ईरान या उसके सहयोगी समूहों के हमलों का शिकार हुए हैं। साथ ही, इराक में कूटनीतिक ठिकानों और ऊर्जा ढांचे पर हुए हमलों की भी निंदा की गई। यह बयान ऐसे समय आया है जब Israel Defense Forces ने चेतावनी दी है कि Paris, Berlin और Rome भी संभावित निशाने पर हो सकते हैं, जिससे वैश्विक तनाव और बढ़ गया है।