कोलकाता : अन्नपूर्णा योजना का लाभ नहीं मिलने को लेकर राज्य के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं के आंदोलन के बीच पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। सोमवार को फेसबुक लाइव में उन्होंने सवाल किया कि योजना के लिए ‘योग्य-अयोग्य’ का मापदंड कौन तय करेगा? चुनाव से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं और एजेंसियों ने घर-घर जाकर बिना शर्त फॉर्म भरवाया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद पात्रता की शर्तें लगा दी गईं। उन्होंने कहा कि लक्ष्मी भंडार के लाभार्थियों को भी अब छांटा जा रहा है।
2.42 करोड़ महिलाओं को मिलता था लक्ष्मी भंडार
ममता ने अन्नपूर्णा से वंचित महिलाओं से नाम, पता, बूथ और पात्रता की जानकारी जुटाने की अपील की। उन्होंने कहा कि तृणमूल उनके साथ खड़ी है। ममता ने दावा किया कि उनकी सरकार करीब 2.42 करोड़ महिलाओं को लक्ष्मी भंडार का लाभ देती थी, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और अपने पैरों पर खड़ा करना था।
जादवपुर कांड पर भाजपा को घेरा
जादवपुर विश्वविद्यालय की घटना पर ममता ने भाजपा पर ‘तांडव’ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का एम्ब्लेम तोड़ा गया, जबकि मतभेद के बावजूद वह छात्रों का सम्मान करती हैं। उन्होंने याद दिलाया कि आंदोलन के दौरान वह छात्रों से मिलने स्वयं विश्वविद्यालय पहुंची थीं। 28 अगस्त के छात्र परिषद स्थापना दिवस के कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि डेकोरेटर, माइककर्मी और होटल मालिकों को डराया जा रहा है।
हॉकर हटाओ पर भी हमला
हॉकर हटाओ और बुलडोजर कार्रवाई पर ममता ने सरकार को घेरा। उन्होंने गरीबों की आजीविका नहीं छीनने और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। फुटपाथ पर बच्चे के लिए दूध गर्म कर रही बेघर महिला का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार से ‘पहले मानवीय बनने’ को कहा। साथ ही ममता ने तृणमूल कार्यकर्ताओं पर मामले दर्ज करने, पुलिस की कथित अति-सक्रियता, एसआईआर में नाम कटने और जनगणना के दौरान जुटाई जा रही जानकारी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर एसआईआर के मुद्दे पर फिर सुप्रीम कोर्ट जाएंगी।