मीडिया को मंत्री फिरहाद हकीम, अरूप विश्वास और तृणमूल नेता कुणाल घोष ने संबोधित किया 
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‘1000 करोड़ रु. की मांग से लेकर 200 करोड़ रु. की एडवांस तक...’

हुमायूं के कथित वीडियो से राजनीतिक भूचाल, तृणमूल ने की ईडी जांच की मांग

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : बंगाल विधानसभा चुनाव के गहमागहमी वाले माहौल के बीच एक वायरल वीडियो से राजनीतिक हंगामा खड़ा हो गया है। इस वीडियो में आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर पर गंभीर आरोप लगे हैं। वीडियो में वह भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से संबंध होने और विधानसभा चुनावों में तृणमूल को हराने के प्रयासों का कथित तौर पर दावा करते नजर आ रहे हैं। हालांकि सन्मार्ग स्वतंत्र रूप से इस वीडियो की पुष्टि नहीं कर सका है। गुरुवार को तृणमूल ने प्रेस कांफ्रेंस में कथित वीडियो साझा किया जिसमें और शुभेंदु अधिकारी, हिमंत विश्व शर्मा और मोहन यादव के नाम का उल्लेख है। यहां तक कि पीएमओ के साथ कबीर की कथित निकटता का दावा किया। टीएमसी ने मामले की ईडी जांच कराने की मांग की। मीडिया को मंत्री फिरहाद हकीम, अरूप विश्वास और तृणमूल नेता कुणाल घोष ने संबोधित किया। यह पूछे जाने पर कि वीडियो किसने शूट किया, फिरहाद हकीम ने कहा, 'यह महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि भाजपा के सत्ता में आने की स्थिति में उन्होंने उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाये जाने की मांग की है।' तृणमूल नेता कुणाल घोष ने कहा कि इस घोटाले में पैसों का मामला शामिल है, ईडी को हुमायूं कबीर को नोटिस भेजकर तलब करना चाहिए। हम मांग करते हैं कि सभी संबंधित एजेंसियां जांच शुरू करें।

क्या गंभीर आरोप है इस वीडियो में

वीडियो में हुमायूं कबीर को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा रहा है कि वह ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए ‘किसी भी हद तक’ जाने को तैयार हैं और वह शुभेंदु अधिकारी सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं। वीडियो में कथित तौर पर कबीर यह कहते हुए भी नजर आ रहे हैं कि उनकी रणनीति तृणमूल से अल्पसंख्यक वोटों को अपने पक्ष में करने के इर्द-गिर्द केंद्रित है, जिससे यह संकेत मिलता है कि इस तरह के बदलाव से भाजपा को चुनावी रूप से फायदा हो सकता है। उन्होंने कथित तौर पर इस रणनीति को सभी निर्वाचन क्षेत्रों में लागू करने के लिए करोड़ों रुपये की आवश्यकता का उल्लेख किया है।

भाजपा से मिले हैं हुमायूं : फिरहाद

मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि वीडियो में देख सकते हैं कि हुमायूं कबीर मस्जिद के नाम पर मुस्लिम भावनाओं को बेच रहे हैं और इसके लिए 1000 करोड़ रुपये मांग रहे हैं, साथ ही 200 करोड़ रुपये अग्रिम भी मांग रहे हैं। क्या हम मुसलमान बेवकूफ हैं? यह हमलोगों का अपमान है। कबीर अल्पसंख्यक मतदाताओं को गुमराह करने के लिए भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। फिरहाद ने आरोप लगाया कि वीडियो में कबीर को यह कहते हुए सुना गया कि बाबरी मस्जिद के मुद्दे को उठाना मुस्लिम वोटों को जुटाने में अधिक प्रभावी होगा, भले ही अंततः यह फलीभूत न हो।

भाजपा 50 सीटें भी पार नहीं कर पाएगी : अरूप

अरूप विश्वास ने आरोप लगाया कि भाजपा परोक्ष रूप से जनादेश में हेरफेर करने की कोशिश कर रही है। एआईएमआईएम और उसके अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। भाजपा चुनाव शुरू होने से पहले ही हार चुकी है। बंगाल को कई तरह से वंचित किया और एसआईआर लागू किया, लेकिन सब व्यर्थ है। भाजपा पैसे का इस्तेमाल करके बी-टीमें बना रही है और लोगों के वोट खरीद रही है। भाजपा 50 सीटें भी पार नहीं कर पाएगी।

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