मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रशासनिक सुधार और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वर्षों बाद केंद्र के प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रम में वापसी की है। विकास भवन के सूत्रों के अनुसार, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन (NIEPA) द्वारा आयोजित इस प्रोफेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम में भाग लेने के लिए 4 वरिष्ठ अधिकारियों को नामित किया गया है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप राज्य की शिक्षा प्रणाली को ढालने के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस एक महीने के प्रशिक्षण कार्यक्रम में डिप्टी डायरेक्टर आलोक महापात्रा, असिस्टेंट डायरेक्टर सुजीत सामंत और समरेंद्र रॉय के साथ-साथ बर्दवान के जिला स्कूल इंस्पेक्टर प्रलयेंदु भौमिक शामिल होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत ऑनलाइन मॉड्यूल से होगी, जिसके बाद 15 सितंबर से दिल्ली में विशेष इन-पर्सन ट्रेनिंग कैंप आयोजित किया जाएगा।
ट्रेनिंग से बनेगी भविष्य की शिक्षा रणनीति
राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि साल 2027 में पाठ्यक्रम में आंशिक बदलाव और 2028 में व्यापक बदलाव किए जाएंगे। इन बड़े सुधारों को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारने के लिए मजबूत प्रशासनिक पकड़ का होना अनिवार्य है। हाल ही में जिला स्तर पर हुए फेरबदल के बाद, अधिकारियों द्वारा इस ट्रेनिंग से मिलने वाले निष्कर्षों का उपयोग भविष्य की रणनीतिक रूपरेखा तैयार करने में किया जाएगा।