कालग्रस्त हुए चारों बच्चे 
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10 दिन में एक परिवार के तीन नाबालिगों सहित 4 की मौत

शिवपुरी में अज्ञात बीमारी का आतंक

बुखार के बाद पेट दर्द, उल्टी-दस्त और प्लेटलेट्स में तेजी से गिरावट

झरने में नहाने के बाद बीमार पड़ने का परिजनों का दावा

शिवपुरी : मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक ही परिवार के चार बच्चों की महज 10 दिनों के भीतर मौत से हड़कंप मच गया है। मृतकों में तीन सगे भाई और उनका एक रिश्तेदार शामिल है। सभी की तबीयत लगभग एक जैसे लक्षणों के साथ बिगड़ी। पहले बुखार आया, फिर पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत हुई और देखते ही देखते हालत गंभीर हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर संक्रमण की आशंका जताई गई है, लेकिन मौतों की वास्तविक वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

10 दिन में चार मौतों से परिवार सदमे में

मामला शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र का है। अधिकारी के अनुसार तनवीर अहमद के परिवार में 21 से 31 अगस्त के बीच चार बच्चों की मौत हुई। लगातार हुई मौतों से परिवार में मातम पसरा है और परिजन गहरे सदमे में हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषिश्वर के अनुसार, प्रारंभिक जांच में संक्रमण की आशंका सामने आई है। उन्होंने बताया कि बच्चों में प्लेटलेट्स तेजी से कम हुए थे। एक बच्चे की हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि उसके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। परिवार के सदस्यों के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं।

पहले 14 वर्षीय ताहिर पड़ा बीमार

परिजनों के मुताबिक सबसे पहले 18 अगस्त को तनवीर अहमद के 14 वर्षीय बेटे ताहिर की तबीयत खराब हुई। उसे बुखार के साथ उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत थी। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए ले गए। उपचार के दौरान उसकी प्लेटलेट्स तेजी से गिरने की बात सामने आई। करीब दो दिन बाद उसकी मौत हो गई।

ताहिर की मौत के बाद परिवार अभी इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि एक और सदस्य की तबीयत बिगड़ गई।

23 अगस्त को अयाज ने तोड़ा दम

इसके बाद तनवीर की बहन के 19 वर्षीय बेटे अयाज को बुखार और अन्य तकलीफें शुरू हुईं। उसे शिवपुरी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे ग्वालियर रेफर कर दिया। परिजन उसे ग्वालियर ले गए, लेकिन इलाज के दौरान 23 अगस्त को उसकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार अयाज की जांच में भी संक्रमण की बात सामने आई थी।

दो भाइयों की एक ही दिन मौत

परिवार पर तीसरी और चौथी मौत का कहर भी जल्द ही टूट पड़ा। नौ वर्षीय तारूफ और 11 वर्षीय तासिफ को बुखार आया और दोनों की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजनों ने उनका इलाज कराया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ।

31 अगस्त की सुबह तारूफ की मौत हो गई। परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि उसी दिन शाम को उसके बड़े भाई तासिफ ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह महज 10 दिनों में एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत हो गई।

झरने में नहाने के बाद बीमारी का दावा

परिजनों ने बच्चों की बीमारी को 16 अगस्त की एक घटना से जोड़ते हुए महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उनके मुताबिक उस दिन चारों बच्चे परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गोरा टीला के पास स्थित एक झरने पर नहाने गए थे। परिवार का कहना है कि वहां से लौटने के बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ।

इसी आधार पर परिजन और स्थानीय लोग झरने के पानी के दूषित होने की आशंका जता रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अभी पानी को मौतों का कारण नहीं माना है। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

स्वास्थ्य विभाग ने लिए नमूने

मामले की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। मंगलवार शाम विभाग की टीम परिवार के घर पहुंची और वहां मौजूद लोगों से बीमारी तथा इलाज के बारे में जानकारी ली। परिवार के सदस्यों के नमूने भी लिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग अब बच्चों की बीमारी के लक्षण, इलाज से संबंधित दस्तावेज और जांच रिपोर्टों का अध्ययन कर रहा है। जरूरत पड़ने पर झरने के पानी की भी जांच कराई जा सकती है।

पोस्टमार्टम नहीं होने से कारण स्पष्ट नहीं

अधिकारियों के अनुसार चारों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था। ऐसे में फिलहाल मौत के निश्चित कारण के बारे में निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौतें किसी संक्रमण, दूषित पानी या किसी अन्य बीमारी के कारण हुईं।

एक ही परिवार के चार बच्चों की असामान्य परिस्थितियों में मौत से स्थानीय लोगों में भी चिंता है। लोगों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कराने और बीमारी के स्रोत का पता लगाने की मांग की है।

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