कोलकाता: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल के बीच अब तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मानस भुइयां ने गिरफ्तारी से राहत के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मामले में रक्षाकवच (Protection from Arrest) की मांग की है।
मानस भुइयां तृणमूल कांग्रेस सरकार में सिंचाई मंत्री रह चुके हैं और सबंग विधानसभा सीट से सात बार विधायक रहे हैं। हाल ही में उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद उनके खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज हुई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की है।
पूर्व मंत्री के खिलाफ सबंग थाने में नौकरी दिलाने के नाम पर आर्थिक धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामले में BNS की धारा 318(4) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि सिंचाई विभाग के बंगले में नौकरी दिलाने का वादा किया गया था और इसके लिए 5 लाख रुपये मांगे गए थे।
आरोप के मुताबिक, नौकरी मिलने के बाद शिकायतकर्ता की पत्नी ने रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर मार्च महीने का करीब 11 हजार रुपये वेतन भी प्राप्त किया था। लेकिन 6 मई को जब वह काम पर पहुंचीं तो उन्हें रजिस्टर में हस्ताक्षर करने से रोक दिया गया और नौकरी से हटा दिया गया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इसके बाद महिला को अपमानजनक टिप्पणियों का भी सामना करना पड़ा।
मामला अब न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ के सामने पहुंचा है। मानस भुइयां ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अदालत से सुरक्षा की मांग की है।
गौरतलब है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं, पार्षदों और पूर्व मंत्रियों के खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हुई है। इसी माहौल के बीच कई नेता गिरफ्तारी से राहत के लिए हाईकोर्ट का रुख कर चुके हैं।
अब सभी की नजर हाईकोर्ट की सुनवाई पर है कि मानस भुइयां को मामले में कोई राहत मिलती है या नहीं।