नई दिल्लीः भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर और कपिल देव सहित 14 पूर्व कप्तानों ने जेल में बंद क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान के बिगड़ते स्वास्थ्य पर ‘‘गहरी चिंता’’ व्यक्त करते हुए पाकिस्तान सरकार से उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उचित चिकित्सा और सम्मानजनक परिस्थितियां प्रदान करने का आग्रह किया है।
ऐसी खबरें आई हैं कि 1992 के विश्व कप विजेता टीम के कप्तान इमरान खान ने रावलपिंडी की अडियाला जेल में उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण अपनी दाहिनी आंख की लगभग 85 प्रतिशत दृष्टि खो दी है। लगभग 14 पूर्व कप्तानों ने ‘‘पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कप्तानों की अपील’’ शीर्षक से पाकिस्तान सरकार को एक पत्र लिखकर इमरान के साथ उचित व्यवहार करने की मांग की।
पत्र में कहा गया है, ‘‘हम अपनी राष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के पूर्व कप्तान, पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और विश्व क्रिकेट के दिग्गज इमरान खान के साथ कथित व्यवहार और कारावास की स्थितियों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पत्र लिख रहे हैं।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘उनके स्वास्थ्य को लेकर हाल की रिपोर्टों, विशेष रूप से हिरासत में रहने के दौरान उनकी दृष्टि में खतरनाक गिरावट और पिछले ढाई वर्षों में उनकी कैद की स्थितियों ने हमें गहरी चिंता में डाल दिया है।’’
किन-किन बड़े पूर्व कप्तानों ने किये हस्ताक्षर
पत्र के अनुसार, ‘‘हम क्रिकेटर निष्पक्ष खेल, सम्मान और आदर के मूल्यों को समझते हैं जो किसी तरह की सीमा से परे हैं। हम मानते हैं कि इमरान खान जैसे व्यक्ति के साथ एक पूर्व राष्ट्रीय नेता और एक वैश्विक खेल आइकन के तौर पर गरिमा और मानवीय सम्मान के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए।’’ इस पत्र पर कपिल और गावस्कर के अलावा माइकल एथरटन, एलन बॉर्डर, माइकल ब्रेयरली, ग्रेग चैपल, इयान चैपल, बेलिंडा क्लार्क, डेविड गावर, किम ह्यूज, नासिर हुसैन, क्लाइव लॉयड, स्टीव वॉ और जॉन राइट ने भी हस्ताक्षर किए हैं।
इमरान को उचित चिकित्सा देने की मांग
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 2023 में भ्रष्टाचार के एक मामले में 14 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। पत्र में पूर्व कप्तानों ने 73 वर्षीय खान के लिए उचित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने, पारदर्शी कानूनी प्रक्रियाओं और सम्मानजनक व्यवहार की मांग की है। पत्र में कहा गया है, ‘‘हम पाकिस्तान सरकार से विनम्र निवेदन करते हैं कि वह यह सुनिश्चित करे कि इमरान खान को उनकी कथित स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए उनकी पसंद के योग्य विशेषज्ञों से तत्काल, पर्याप्त और निरंतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए।’’
इमरान का क्रिकेट की भावना के अनुरूप जीवन
पत्र के अनुसार, ‘‘क्रिकेट हमेशा से ही देशों के बीच एक सेतु का काम करता रहा है। मैदान पर हमारा साझा इतिहास हमें याद दिलाता है कि मैच समाप्त होने के साथ ही प्रतिद्वंद्विता समाप्त हो जाती है और सम्मान कायम रहता है। इमरान खान ने अपने पूरे करियर में इसी भावना को मूर्त रूप दिया।’’ पत्र में अधिकारियों से ‘‘शालीनता और न्याय’’ के सिद्धांतों को बनाए रखने अपील की गई है। इन पूर्व कप्तानों ने कहा, ‘‘यह अपील खेल भावना और मानवता की भावना से प्रेरित होकर की जा रही है और इसका कानूनी कार्यवाही पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।’’
इमरान की क्रिकेट उपलब्धियों को याद
पत्र में इमरान खान के क्रिकेट और राजनीतिज्ञ के रूप में योगदान का भी जिक्र किया गया है।इसमें कहा गया है, ‘‘इमरान खान के खेल में योगदान की हर जगह प्रशंसा की जाती है। एक कप्तान के रूप में उन्होंने पाकिस्तान को 1992 के क्रिकेट विश्व कप में ऐतिहासिक जीत दिलाई। यह एक ऐसी जीत थी जो कौशल, दृढ़ता, नेतृत्व और खेल भावना पर आधारित थी, जिसने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया।’’
पत्र के अनुसार, ‘‘हममें से कई लोगों ने उनके खिलाफ प्रतिस्पर्धा की, उनके साथ मैदान साझा किया या उनकी सर्वांगीण प्रतिभा और प्रतिस्पर्धी भावना को अपना आदर्श मानकर बड़े हुए। वह खेल जगत के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों और कप्तानों में से एक हैं, जिन्होंने खिलाड़ियों, प्रशंसकों और प्रशासकों से समान रूप से सम्मान अर्जित किया है।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘क्रिकेट से इतर इमरान खान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में चुनौतीपूर्ण दौर में अपने देश का नेतृत्व किया। उन्हें अपने देश के सर्वोच्च पद पर लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित होने का गौरव प्राप्त है।’’