एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर ( फाइल फोटो ) 
टॉप न्यूज़

एप्स्टीन मामले में फंसे ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर गिरफ्तार

ब्रिटेन की टेम्स वैली पुलिस ने कहा कि वह रिपोर्टों का ‘‘मूल्यांकन’’ कर रही है जिनमें कहा गया है कि एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर ने 2010 में दोषी ठहराये गये यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन को व्यापारिक रिपोर्ट भेजी थीं।

लंदनः ब्रिटेन की पुलिस ने बृहस्पतिवार को महाराजा चार्ल्स तृतीय के छोटे भाई एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को सार्वजनिक पद पर रहते हुए कदाचार के संदेह में गिरफ्तार किया है। उन पर यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन के साथ संबंध रखना का आरोप भी है।

टेम्स वैली पुलिस ने कहा कि बर्कशायर और नॉरफॉक में पूर्व प्रिंस से जुड़े ठिकानों पर तलाश अभियान जारी हैं, जबकि वह पुलिस हिरासत में है। पुलिस ने गिरफ्तार व्यक्ति का नाम नहीं बताया है, लेकिन ऐसी खबर है कि इस गिरफ्तारी में एंड्रयू शामिल हैं। एंड्रयू का बृहस्पतिवार को जन्मदिन भी है और आज वह 66 वर्ष के हो गये। टेम्स वैली पुलिस के सहायक मुख्य कांस्टेबल ओलिवर राइट ने कहा, ‘‘गहन मूल्यांकन के बाद, हमने सार्वजनिक पद पर रहते हुए कदाचार के इस आरोप की जांच शुरू कर दी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस कथित अपराध की जांच करते समय यह महत्वपूर्ण है कि हम निष्पक्षता और अखंडता बनाये रखें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मामले में जनता की व्यापक रुचि को समझते हैं और उचित समय पर विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे।’’

ब्रिटेन के कानून के अनुसार, किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस के पास अपराध होने का संदेह करने के लिए उचित आधार और संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार करना आवश्यक मानने के लिए ठोस आधार होना चाहिए। इससे पहले, जब एक दशक पहले तत्कालीन सरकार के व्यापार विभाग में पूर्व व्यापार दूत के रूप में कार्यकाल के दौरान एंड्रयू के खिलाफ लगे आरोपों के बारे में पूछा गया, तो ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने ‘बीबीसी’ से कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।

स्टार्मर ने कहा, ‘‘जिसके पास भी कोई जानकारी हो, उसकी जानकारी देनी चाहिए। इसलिए, चाहे वह एंड्रयू हो या कोई और, जिसके पास भी प्रासंगिक जानकारी हो, उसे संबंधित निकाय को बताना चाहिए। इस विशेष मामले में, हम एप्स्टीन की बात कर रहे हैं, लेकिन ऐसे कई अन्य मामले भी हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरी राय में, महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा के किसी भी पहलू से संबंधित जानकारी रखने वाले किसी भी व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह आगे आए, चाहे वह कोई भी हो।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी व्यवस्था के मूल सिद्धांतों में से एक यह है कि कानून के समक्ष सभी समान हैं और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है तथा यह वास्तव में महत्वपूर्ण है कि इसे हर जगह लागू किया जाए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यही सिद्धांत है। यह एक पुराना सिद्धांत है, यह हमारे देश, हमारे समाज का एक बहुत महत्वपूर्ण सिद्धांत है और यह इस मामले में भी उसी तरह लागू होता है, जैसे किसी अन्य मामले में होता है।’’

यह गिरफ्तारी पिछले कुछ हफ्तों में सामने आए कई चौंकाने वाले आरोपों के बाद हुई है, जब अमेरिकी कांग्रेस द्वारा एप्स्टीन फाइल को जारी किया गया था। बकिंघम पैलेस ने इस महीने की शुरुआत में एक बयान जारी कर कहा था कि वह एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर के आचरण की पुलिस जांच में सहयोग करने के लिए "तैयार" है।

एंड्रयू से पिछले साल महाराजा द्वारा ‘प्रिंस’ और ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क’ की सभी शाही उपाधि वापस ले ली गई थी। एंड्रयू ने कोई गलत कृत्य करने से इनकार किया है। माउंटबेटन विंडसर ब्रिटिश शाही परिवार के सदस्य हैं और स्वर्गीय महारानी एलिजाबेथ के दूसरे बेटे हैं। हालांकि उन्होंने एपस्टीन के संबंध में किसी भी गलत काम से लगातार इनकार किया है, जो एक दोषी यौन अपराधी था और 2019 में जेल में मर गया था, माउंटबेटन-विंडसर ने कहा है कि उन्हें उसके साथ अपनी दोस्ती पर पछतावा है।

कौन हैं एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर

एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर (पूर्व में प्रिंस एंड्रयू) महारानी एलिजाबेथ द्वितीय और प्रिंस फिलिप के दूसरे पुत्र तथा वर्तमान राजा चार्ल्स तृतीय के छोटे भाई हैं। 1960 में जन्मे, वे 1986 से 2025 तक 'ड्यूक ऑफ यॉर्क' रहे, लेकिन जेफरी एपस्टीन यौन शोषण मामले में संलिप्तता और विवादों के कारण अक्टूबर 2025 में उनकी सभी प्रमुख शाही उपाधियां और जिम्मेदारियां छीन ली गईं। वह महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की तीसरी संतान (दूसरे बेटे) हैं। उन्होंने रॉयल नेवी में हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में 22 वर्षों तक सेवा दी और फॉकलैंड युद्ध में भाग लिया।

जेफरी एपस्टीन से संबंधों और वर्जीनिया गिउफ्रे द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के कारण वे विवादों में रहे, हालांकि उन्होंने किसी भी गलत काम से इनकार किया और 2022 में दीवानी मुकदमे का निपटारा किया। अक्टूबर 2025 में, राजा चार्ल्स तृतीय ने एंड्रयू की शेष शाही उपाधियां वापस ले लीं और उन्हें शाही निवास (रॉयल लॉज) से बाहर कर दिया गया।

माउंटबेटन-विंडसर महारानी एलिजाबेथ द्वितीय और प्रिंस फिलिप के वंशजों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला आधिकारिक उपनाम है। उन्हें अब 'प्रिंस' या 'योर रॉयल हाइनेस' के रूप में नहीं, बल्कि एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर के रूप में जाना जाता है, जो अभी भी ब्रिटिश सिंहासन के उत्तराधिकार क्रम में बने हुए हैं।  ( फोटो साभार- एएफपी)

SCROLL FOR NEXT