Former BJP MP John Barla joins TMC 
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चाय बागान क्षेत्र में भाजपा को झटका, तृणमूल में शामिल हुए जॉन बारला

बंगाल में हो रहा विकास, तो हम अलग राज्य की बात क्यों सोचें : बारला

Prasenjit Dasgupta

कोलकाता : एक समय बंगाल में अलग राज्य की विवादित मांग करने वाले जॉन बारला के सुर अब बदल गए हैं। अलीपुरद्वार से पूर्व भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉन बारला गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने दावा किया कि अगर विकास हो रहा है तो अलग राज्य की मांग की कोई जरूरत नहीं है। बारला के टीएमसी में शामिल होने के साथ ही राज्य राजनीति में कई दिनों से चल रहे अटकलों पर अब विराम लग गया है।

बारला को अलीपुरद्वार में मुख्यमंत्री की बैठक में देखा गया था

लोकसभा चुनाव के बाद से ही भाजपा के पूर्व सांसद जॉन बारला के सुर बदलने लगे थे। अंततः उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुब्रत बक्शी, जयप्रकाश मजूमदार और मंत्री अरूप विश्वास की उपस्थिति में तृणमूल का झंडा उठा लिया। उत्तर बंगाल की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले नेता बारला का पार्टी बदलना भाजपा के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। मालूम हो कि कुछ महीने पहले बारला को अलीपुरद्वार में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रशासनिक बैठक में देखा गया था। तबसे ही राजनीतिक हलकों में यह चर्चा थी कि वे जल्द ही तृणमूल में शामिल हो सकते हैं। हालांकि इस प्रक्रिया को औपचारिक रूप लेने में थोड़ा वक्त जरूर लग गया।

बारला ने की ममता बनर्जी की दिल खोल कर तारीफ

भाजपा छोड़ने के पीछे का कारण बताते हुए जॉन बारला ने कहा कि वे उत्तर बंगाल के लोगों के लिए काम करना चाहते थे। रेलवे के साथ मिलकर चाय बागान इलाकों में 160 करोड़ रुपये की अस्पताल बनाना चाहते थे, लेकिन खुद उनकी ही पार्टी के नेता उन्हें पीछे से रोकते रहे। उन्होंने स्पष्ट रूप से राज्य के विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी का नाम लिया और कहा कि एक अस्पताल को पूरी तरह केंद्र सरकार के खर्च पर बनाने की पहल उन्होंने की थी, लेकिन शुभेंदु अधिकारी ने उसमें अड़ंगा डाल दिया। इस अवसर पर जॉन बारला ने तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी की दिल खोल कर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'चाय मज़दूर वर्ष 2007 से ही चाय बागानों के पट्टे के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन उन्हें यह कभी नहीं मिला। ममता बनर्जी ने सत्ता में आने के बाद चाय बागानों के लिए बहुत कुछ किया है। उन्होंने ज़मीन का पट्टा भी दिया है जिससे मज़दूरों को राहत मिली हैं।'

मंत्री होने के बावजुद बाधाओं का सामना करना पड़ा

बारला ने कहा, 'मैं चाय बागानों पर काम करना चाहता था। भाजपा में रहते मुझे मंत्री तो बनाया गया लेकिन काम करते समय मुझे हमेशा बाधाओं का सामना करना पड़ा। ऐसे पार्टी के साथ क्यों रहूं, जो मुझे काम करने से रोक रही है? मेरी अपनी पार्टी ने मेरा अपमान किया है। मुझे विकास कार्य नहीं करने दिया गया।' टीएमसी की तरफ से कहा गया कि बारला को पार्टी की और से उत्तर बंगाल के चाय क्षेत्र में ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।इस मौके पर मंत्री अरूप विश्वास ने कहा कि भाजपा का विकेट गिरना जारी रहेगा।

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