सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी इसी महीने फरवरी में अपने पुराने केंद्र बेहला पश्चिम जाने वाले हैं। उनके अनुसार, वे वहां पहुंचकर आम लोगों से मुलाकात करेंगे और जमीनी हकीकत को समझने के बाद ही अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई अंतिम फैसला लेंगे। उनका मानना है कि जनता उनके साथ है। पार्थ चटर्जी ने कहा है कि राजनीति में आगे क्या भूमिका होगी, इसका उत्तर समय स्वयं देगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा रखते हैं और इस विषय पर फिलहाल किसी तरह की अतिरिक्त टिप्पणी नहीं करना चाहते। गौरतलब है कि स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) भर्ती घोटाले के मामले में पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा की गई थी। लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद वह वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं। जमानत मिलने के बाद पहली बार उनके बेहला पश्चिम दौरे को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह इलाका लंबे समय तक उनका प्रभावशाली विधानसभा क्षेत्र रहा है। उन्होंने खुलकर यह भी स्वीकार किया है कि वह एक बार फिर सक्रिय राजनीति में लौटने की इच्छा रखते हैं। हालांकि इस पर क्या होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में बेहला पश्चिम का यह दौरा उनके राजनीतिक पुनरागमन की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में पार्थ चटर्जी का राजनीतिक भविष्य किस दिशा में आगे बढ़ता है। बता दें कि एसएससी मामला सामने आने के बाद तृणमूल ने पार्टी से बहिष्कृत कर दिया है। राज्य सरकार ने भी उन्हें मंत्री पद से हटा दिया है।