कोलकाता : पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद पहली पूरक मतदाता सूची जारी कर दी गई है, हालांकि इस चरण में जोड़े या हटाए गए नामों की कुल संख्या का खुलासा अभी नहीं किया गया है। Election Commission of India द्वारा यह सूची सोमवार देर रात बूथ-वार अपनी वेबसाइट पर अपलोड की गई। इससे पहले 28 फरवरी को जारी अंतिम मतदाता सूची में करीब 60 लाख नाम ‘विचाराधीन’ के रूप में चिन्हित किए गए थे।
इन मामलों के निस्तारण के लिए उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत 705 न्यायिक अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई थी, जो यह तय कर रहे हैं कि संबंधित नाम मतदाता सूची में बने रहेंगे या हटाए जाएंगे। पूरक सूची उन्हीं मामलों के फैसलों के आधार पर तैयार की गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि अब तक लगभग 29 लाख नामों पर निर्णय लिया जा चुका है। हालांकि, पहली पूरक सूची में शामिल या हटाए गए नामों की सटीक संख्या जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, निस्तारण प्रक्रिया जारी रहने के साथ आगे और भी पूरक सूचियां जारी की जाएंगी। मतदाताओं को बूथ-स्तरीय सूचियां डाउनलोड कर अपनी स्थिति जांचने की सलाह दी गई है, लेकिन कई लोगों ने डेटा तक पहुंच में कठिनाई की शिकायत की है। जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, वे 15 दिनों के भीतर नामित न्यायाधिकरणों में अपील कर सकते हैं। इस बीच, सूची के प्रकाशन को देखते हुए राज्य में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को निर्धारित है।