इस्लामाबाद : अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में होने वाली अहम वार्ता से पहले बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने कतर और अन्य बैंकों में जमी ईरानी संपत्तियों को पिघलाने पर सहमति जताई है, जो बातचीत शुरू करने के लिए ईरान की प्रमुख शर्तों में शामिल थी।
अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं, लेकिन वार्ता के समय को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि लेबनान में युद्धविराम और प्रतिबंधों में राहत जैसी शर्तें पूरी होने के बाद ही बातचीत आगे बढ़ेगी।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी टीम और मोहम्मद बाकर गालिबाफ के नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में मौजूद हैं। पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों पक्षों के बीच प्रस्तावों के आदान-प्रदान की तैयारी की गई है।
इस बीच खबर है कि चीन ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम भेजने की तैयारी कर रहा है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को किसी भी हालत में खोला जाएगा।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने वार्ता को ‘मेक या ब्रेक’ चरण बताते हुए कहा कि अस्थायी युद्धविराम के बाद अब स्थायी शांति के लिए जटिल मुद्दों का समाधान जरूरी है। इस्लामाबाद वार्ता को पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव को खत्म करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।