नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक नागरिक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने रूस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। भारत सरकार ने नई दिल्ली में रूस के प्रभारी राजदूत (चार्ज डी'अफेयर्स) व्लादिमीर लादानोव को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया और स्पष्ट किया कि नागरिक जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले व्यापारी जहाज MV Golden Leo पर रविवार को यूक्रेन के समुद्री गलियारे में हमला हुआ। उस समय जहाज पर कुल 17 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें पांच भारतीय भी शामिल थे। हमले में चार भारतीयों की मौत हो गई, जबकि एक भारतीय गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में भर्ती है।
भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि नागरिक जहाजों और निर्दोष नाविकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार, नौवहन की स्वतंत्रता और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि रूस को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए।
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के अनुसार, इस हमले में कुल 10 नाविकों की मौत हुई है, जिनमें चार भारतीय और छह सीरियाई नागरिक शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन में भारतीय दूतावास स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित भारतीयों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायल भारतीय के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
यह रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहली घटना है, जिसमें किसी हमले में भारतीय नाविकों की जान गई है। इस घटना के बाद संघर्ष क्षेत्रों में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।