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कोलकाता के मेयर पद से फिरहाद हकीम का इस्तीफा

करीब साढ़े सात साल तक कोलकाता के मेयर रहे फिरहाद हकीम ने पद छोड़ा; ममता बनर्जी से अनुमति मिलने के बाद लिया फैसला

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तहत कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कोलकाता नगर निगम में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपने फैसले की घोषणा की और बाद में नगर निगम की चेयरपर्सन माला राय को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

फिरहाद हकीम दिसंबर 2018 से कोलकाता के मेयर पद पर थे और लगभग साढ़े सात वर्षों तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया।

‘बिना अधिकार के पद पर बने रहना उचित नहीं’

इस्तीफे की वजह बताते हुए फिरहाद हकीम ने कहा कि अब वह पहले की तरह लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा पूरे अधिकार और जिम्मेदारी के साथ काम किया। जो लोग अपनी समस्याएं लेकर नगर निगम आते थे, उनकी मदद करने की कोशिश करता था। लेकिन अब वह संभव नहीं हो पा रहा है। मैं इस पद की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचाना चाहता। जब अधिकार ही नहीं है, तो सिर्फ कुर्सी पर बैठे रहने का कोई मतलब नहीं है।”

ममता बनर्जी का जताया आभार

फिरहाद हकीम ने मेयर पद की जिम्मेदारी सौंपने के लिए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी का धन्यवाद किया।

उन्होंने कहा कि इस्तीफा देने से पहले उन्होंने पार्टी नेतृत्व से अनुमति मांगी थी। इस पर ममता बनर्जी ने सहमति दे दी।

फिरहाद ने कहा, “मैं सम्मान के साथ पद छोड़ना चाहता था। मैंने पार्टी नेतृत्व से अनुमति मांगी थी और मुझे इसकी मंजूरी मिल गई।”

लंबे समय से कोलकाता राजनीति का बड़ा चेहरा

फिरहाद हकीम कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 82 से राजनीति करते रहे हैं। वह 2000, 2005 और 2010 में इसी वार्ड से पार्षद चुने गए थे।

2018 में शोभन चट्टोपाध्याय के बाद जब उन्हें कोलकाता का मेयर बनाया गया, तब उपचुनाव जीतकर वह फिर नगर निगम में पहुंचे। इसके बाद 2021 में भी इसी वार्ड से दोबारा निर्वाचित हुए।

पहले से चल रही थीं इस्तीफे की अटकलें

पिछले कुछ दिनों से उनके इस्तीफे को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज थीं। तृणमूल नेता कुणाल घोष ने भी हाल ही में दावा किया था कि फिरहाद हकीम ने मेयर पद छोड़ने की इच्छा पार्टी नेतृत्व के सामने रखी थी और ममता बनर्जी ने इसे स्वीकार कर लिया है।

हालांकि उस समय फिरहाद हकीम ने कहा था कि उन्होंने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। अब उनके इस्तीफे के साथ सभी अटकलों पर विराम लग गया है।

तृणमूल शासन के एक दौर का अंत

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फिरहाद हकीम का इस्तीफा कोलकाता नगर निगम की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। उनके पद छोड़ने को नगर निगम में तृणमूल कांग्रेस के एक लंबे और प्रभावशाली दौर के अंत के रूप में भी देखा जा रहा है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि कोलकाता का अगला मेयर कौन होगा और नगर निगम की कमान किसके हाथों में जाएगी।

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