सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की फायर एवं इमरजेंसी सेवाओं में जनशक्ति और अवसंरचना की गंभीर कमी को लेकर चिंता व्यक्त की गई है तथा विशेष रूप से संवेदनशील बंबूफ्लैट क्षेत्र में सुविधाओं को तत्काल मजबूत करने और शीघ्र भर्ती की मांग उठाई गई है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह को संबोधित एक प्रतिवेदन में समाज सेवक अभि भूषण घोष ने उल्लेख किया कि पिछले लगभग 15 वर्षों से फायर सर्विसेज में कोई नई भर्ती नहीं हुई है। इस लंबी भर्ती-विराम अवधि के कारण स्टाफ की भारी कमी उत्पन्न हो गई है और अधिकांश वर्तमान कर्मी आयु में वरिष्ठ हो चुके हैं, जिससे शारीरिक रूप से कठिन आपातकालीन दायित्वों का निर्वहन करना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। प्रतिवेदन के अनुसार द्वीपों में फायर एवं इमरजेंसी सेवाओं के कर्मी केवल अग्निशमन कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पशु बचाव, पेड़ गिरने की घटनाएं, सड़क दुर्घटनाएं, बाढ़ संबंधी आपात स्थितियां तथा आपदा प्रतिक्रिया जैसे कार्यों में भी नियमित रूप से तैनात किए जाते हैं। द्वीपों की भारी वर्षा, उच्च आर्द्रता और लगातार परिचालन दबाव वाली जलवायु परिस्थितियों के बीच ये दायित्व उच्च शारीरिक क्षमता की मांग करते हैं। यह भी इंगित किया गया कि सेवा-क्रम के अंतर्गत वरिष्ठ कर्मियों का पर्यवेक्षी एवं प्रबंधकीय भूमिकाओं में पदोन्नत होना स्वाभाविक प्रक्रिया है, किन्तु समानांतर रूप से युवा कर्मचारियों की भर्ती न होने से संचालन स्तर पर गंभीर रिक्ति उत्पन्न हो गई है। प्रतिवेदन में यह भी कहा गया कि अग्रिम पंक्ति की आपातकालीन प्रतिक्रिया बल होने के बावजूद फायर सर्विसेज को पर्याप्त मान्यता नहीं मिलती, जिससे मनोबल और कार्यकुशलता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
बंबूफ्लैट क्षेत्र को लेकर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए इसे बड़े एलपीजी संयंत्र, प्रमुख पावर स्टेशन और घनी आबादी के कारण उच्च जोखिम वाला क्षेत्र बताया गया। वहां स्थित फायर स्टेशन में कथित रूप से केवल एक अग्निशमन वाहन उपलब्ध है जिसकी टैंकर क्षमता लगभग 4,000 से 5,000 लीटर बताई गई, जो किसी बड़े अग्निकांड या औद्योगिक दुर्घटना से निपटने के लिए अपर्याप्त मानी जा रही है। निकटतम वैकल्पिक फायर स्टेशन फेरारगंज काफी दूरी पर स्थित होने के कारण आपात स्थितियों में अतिरिक्त बल के पहुंचने में लगने वाला समय जीवन और संपत्ति के लिए गंभीर साबित हो सकता है। इस संदर्भ में बंबूफ्लैट में अतिरिक्त अग्निशमन वाहनों तथा अधिक जल वहन क्षमता की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया गया ताकि द्वितीयक प्रतिक्रिया क्षमता सुनिश्चित की जा सके। प्रतिवेदन में अधिकारियों से फायर एवं इमरजेंसी सेवाओं में शीघ्र नई रिक्तियां जारी करने, युवा एवं शारीरिक रूप से सक्षम कर्मियों की भर्ती करने तथा बंबूफ्लैट फायर स्टेशन को अतिरिक्त संसाधनों और वाहनों से सुदृढ़ करने का आग्रह किया गया। अपील में रेखांकित किया गया कि ये कदम अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में जनसुरक्षा और प्रभावी आपदा प्रबंधन के हित में अत्यंत आवश्यक हैं।