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फ़िनलैंड पीएम ने US-Iran तनाव में भारत की भूमिका पर जताई उम्मीद

हॉर्मुज़ संकट और बढ़ती तेल कीमतों के बीच भारत कूटनीतिक केंद्र में

Alexander Stubb ने ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव को कम करने में भारत की संभावित भूमिका पर जोर दिया है। ब्लूमबर्ग टीवी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने तत्काल युद्धविराम और बातचीत की अपील की।

स्टब ने भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar के हालिया बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत लगातार शांति और बातचीत की वकालत कर रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि यूरोप और भारत मिलकर इस संकट को शांत करने में मदद कर सकते हैं।

इस बीच, Strait of Hormuz में तनाव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। यह जलमार्ग दुनिया के लगभग 20% तेल आपूर्ति के लिए अहम है। आंशिक अवरोध के कारण तेल कीमतों में तेजी देखी जा रही है, जिसका असर भारत जैसे आयातक देशों पर पड़ रहा है।

स्टब ने यह भी कहा कि शुरुआती सैन्य कार्रवाई सहयोगी देशों के साथ पूरी तरह साझा नहीं की गई थी, लेकिन अब डोनाल्ड ट्रम्प फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों से बातचीत कर रहे हैं।

हाल ही में जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से बातचीत की थी, जिसके बाद कुछ भारतीय जहाजों को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति मिली। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि इसके बदले ईरान को कोई रियायत नहीं दी गई।

वहीं, अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने भी संकेत दिया कि भारत इस महत्वपूर्ण जलमार्ग की सुरक्षा में भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत समेत एशियाई देशों की ऊर्जा आपूर्ति काफी हद तक इसी मार्ग पर निर्भर है।

हालांकि ईरान ने कहा है कि प्रतिबंध केवल अमेरिकी और इज़राइली जहाजों पर लागू हैं, लेकिन अनिश्चितता के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार और शिपिंग सेक्टर पर दबाव बना हुआ है।

मौजूदा स्थिति में भारत अपने संतुलित कूटनीतिक संबंधों के कारण इस जटिल संकट में अहम भूमिका निभा सकता है।

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