नदिया : राणाघाट पुलिस जिले के अधिकारियों ने दो साल से फरार एक पॉक्सो आरोपी को गिरफ्तार करने में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए मछुआरों का भेष धारण किया और समुद्र में 10 किलोमीटर तक उसका पीछा कर उसे दबोच लिया। आरोपी पुलिस को चकमा देकर बांग्लादेश भागने की फिराक में था।
पुलिस के अनुसार, यह आरोपी 2024 से पॉक्सो मामले में वांछित था। इन दो सालों में वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा और कई बार पुलिस के हाथ आते-आते बच निकला। उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई थी।
हाल ही में, पुलिस को तकनीकी निगरानी और गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर पता चला कि आरोपी दक्षिण 24 परगना जिले के नामखाना-काकद्वीप इलाके में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही राणाघाट पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हो गई।
जब पुलिस की टीम बताए गए ठिकाने पर पहुंची, तो उन्हें पता चला कि आरोपी जमीन पर नहीं, बल्कि तट से लगभग 10 किलोमीटर दूर समुद्र के बीच में एक मछली पकड़ने वाली नाव पर छिप गया है। आरोपी शायद समुद्र के रास्ते बांग्लादेश भागने की योजना बना रहा था।
पुलिस के सामने एक नई चुनौती थी। अगर वे पुलिस की वर्दी में नाव लेकर आरोपी के पास जाते, तो यह खतरा था कि वह समुद्र में कूदकर भागने की कोशिश कर सकता था, जिससे उसे पकड़ना मुश्किल हो जाता।
इस स्थिति से निपटने के लिए, सब-इंस्पेक्टर देबरुण दास और शुभम हलदर, साथ ही कांस्टेबल सुकंत विश्वास, अरिजीत पाल, और बिधान चंद्र मंडल की टीम ने एक अनोखी योजना बनाई। उन्होंने अपनी वर्दी उतार दी और साधारण मछुआरों के कपड़े पहन लिए। इसके बाद, उन्होंने एक नाव का इंतजाम किया और समुद्र में आरोपी की नाव की ओर चल पड़े।
लगभग 10 किलोमीटर तक नाव चलाने के बाद, वे आरोपी की नाव तक पहुंचे। किसी को कुछ भी समझने का मौका दिए बिना, पुलिस टीम ने बिजली की गति से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के इस साहसिक और रचनात्मक प्रयास की हर जगह सराहना हो रही है। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कहीं भी छिप जाएं, कानून से बच नहीं सकते।