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SIR के डर से पाँचवी मौत का आरोप: "कहीं देश न छोड़ना पड़ जाए", बुजुर्ग ने की खुदकुशी

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बशीरहाट: पश्चिम बंगाल में एसआईआर (नागरिकता सत्यापन) प्रक्रिया से उत्पन्न भय और आतंक के कारण आत्महत्या का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह दुखद घटना उत्तर 24 परगना जिले के बादुड़िया थाना अंतर्गत जदुरहाटी पूर्व इलाके की है। यहाँ के निवासी सफीकुल मंडल (58 वर्ष) ने कथित तौर पर बुधवार को कीटनाशक खाकर अपनी जान दे दी।

इस घटना के बाद, जिले में एसआईआर के कारण आत्महत्या या अस्वाभाविक मौत का यह पाँचवा आरोप है, जिसने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और आम जनता के बीच तीव्र विरोध को जन्म दिया है।

मौत का कारण 'देश छोड़ने का डर'

मृतक के परिवार के सदस्यों के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद चुनाव आयोग द्वारा प्रकाशित 2002 की मतदाता सूची को सफीकुल मंडल ने देखा। सूची की जाँच करने पर उन्होंने पाया कि उनका नाम तो उसमें दर्ज था, लेकिन उनके परिवार के कई अन्य सदस्यों के नाम उस सूची में मौजूद नहीं थे।

इस विसंगति ने 58 वर्षीय सफीकुल मंडल को गहरे मानसिक आघात में डाल दिया। परिवार का दावा है कि उन्हें यह डर सता रहा था कि इस प्रक्रिया के चलते उन्हें और उनके परिवार को अपना देश छोड़कर जाना पड़ सकता है। इस अनियंत्रित भय और आतंक के चलते, आरोप है कि बुधवार को उन्होंने अपने घर में कीटनाशक का सेवन कर लिया।

पुलिस जांच और राजनीतिक प्रतिक्रिया

सफीकुल मंडल की हालत बिगड़ने पर परिवार के सदस्यों ने उन्हें आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इस घटना की खबर मिलते ही बादुड़िया के तृणमूल विधायक काजी अब्दुर रहीम दिलु मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से बात की और उन्हें हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

यह ध्यान देने योग्य है कि उत्तर 24 परगना जिले में यह पाँचवी अस्वाभाविक मौत है, जिसके लिए परिवार के सदस्यों ने सीधे तौर पर एसआईआर प्रक्रिया से उत्पन्न भय को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि पुलिस सभी मामलों की जांच कर रही है, लेकिन लगातार हो रही इन मौतों ने आम जनता के बीच असुरक्षा और गहरी चिंता पैदा कर दी है।

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