सूखे से प्रभावित किसान (सांकेतिक चित्र) 
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महाराष्ट्र में कम बारिश से किसान परेशान

शरद पवार ने फडणवीस से मांगी किसानों के लिए तत्काल राहत

Kamlesh Pandey

मुंबई : महाराष्ट्र में कम बारिश से पैदा हुए हालात को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से प्रभावित इलाकों में तत्काल सूखा घोषित करने की मांग की है। पवार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रभावित किसानों को कम से कम 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की आर्थिक सहायता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि बारिश की कमी से खरीफ फसलों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और चारे का संकट भी गहराता जा रहा है।

31 जिलों में सामान्य से कम बारिश का दावा

शरद पवार के मुताबिक महाराष्ट्र के 36 में से 31 जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। उन्होंने कहा कि 1 जून से 15 सितंबर के बीच राज्य में करीब 648 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 19 प्रतिशत कम है। पवार ने मुंबई, रायगढ़, पालघर और विदर्भ को अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल बताया।

सोयाबीन, कपास और दलहन पर असर

पवार ने अपने पत्र में कहा कि बारिश की कमी का सीधा असर सोयाबीन, कपास और दलहन जैसी प्रमुख खरीफ फसलों पर पड़ा है। कई क्षेत्रों में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं, जबकि कम बारिश के कारण बुआई का रकबा भी घटा है। इससे किसानों की आय और अगली फसल की तैयारी पर भी असर पड़ने की आशंका है।

किसानों को 50 हजार, मजदूरों को 25 हजार

पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री ने सरकार से प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की विशेष सहायता देने की मांग की है। साथ ही खेतिहर मजदूर परिवारों को 25 हजार रुपये प्रति परिवार देने का प्रस्ताव रखा है। पवार ने कहा कि राहत के लिए औपचारिक प्रक्रियाओं का इंतजार करने के बजाय प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल मदद पहुंचाई जानी चाहिए।

कर्जमाफी और नए फसल ऋण की मांग

पवार ने कृषि ऋण माफी योजना को तुरंत लागू करने की मांग की। उन्होंने प्रभावित किसानों को नई फसल के लिए नए ऋण उपलब्ध कराने की भी अपील की। नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये करने की मांग भी पत्र में की गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन किसानों ने 2025-26 में फसल ऋण लिया था, लेकिन इस साल भुगतान नहीं कर पाए, उन्हें भी कर्जमाफी योजना में शामिल किया जाना चाहिए।

फसल बीमा और पुरानी राहत राशि जारी करने की मांग

शरद पवार ने एक रुपये वाली फसल बीमा योजना को पिछली तारीख से लागू करने की मांग की। इसके अलावा पिछले साल बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान के लिए घोषित 17 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता राशि भी जल्द जारी करने की मांग की।

रोजगार गारंटी योजना में विशेष काम

पवार ने सूखे जैसे हालात वाले क्षेत्रों में रोजगार गारंटी योजना के तहत खेती और जल संरक्षण से जुड़े विशेष कार्य शुरू करने की मांग की। इससे ग्रामीण परिवारों को रोजगार देने के साथ जल संरक्षण के कामों को भी आगे बढ़ाने की बात उन्होंने कही।

बागों को बचाने के लिए टैंकर की मांग

बारिश की कमी से बागवानी फसलों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए पवार ने जरूरत वाले इलाकों में पानी के टैंकर उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने पेयजल और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था तत्काल करने पर भी जोर दिया।

विदर्भ में बुआई का रकबा घटने का दावा

पवार ने विदर्भ में बुआई के आंकड़ों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, पिछले साल अगस्त के अंत तक विदर्भ में बुआई का क्षेत्र करीब 50.04 लाख हेक्टेयर था, जो इस साल घटकर लगभग 47.5 लाख हेक्टेयर रह गया। उन्होंने इसे बारिश की कमी से कृषि क्षेत्र पर पड़ रहे असर का संकेत बताया।

सरकार से तत्काल निर्णय की अपील

शरद पवार ने मुख्यमंत्री फडणवीस से कम बारिश वाले तालुकाओं में तत्काल सूखा घोषित करने और प्रभावित किसानों व ग्रामीण परिवारों के लिए राहत पैकेज लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार को मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए बिना देरी किए आर्थिक सहायता, कर्ज राहत, पानी और रोजगार से जुड़े उपाय शुरू करने चाहिए।

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