फाइल फोटो 
टॉप न्यूज़

आत्मविश्वास से सब कुछ संभव हैः पीएम मोदी ने यह किस संदर्भ में लिखा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि आत्मविश्वास वह बल है जिससे सब कुछ संभव है और विकसित भारत के सपने को साकार करने में यही शक्ति काम आएगी।

नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि आत्मविश्वास वह बल है जिससे सब कुछ संभव है और विकसित भारत के सपने को साकार करने में यही शक्ति काम आएगी। मोदी ने यह टिप्पणी अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौते पर सहमति बनने के कुछ घंटों बाद की है। इस समझौते के तहत वॉशिंगटन भारतीय वस्तुओं पर जवाबी शुल्क को मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘आत्मविश्वास वह शक्ति है जिसके बल पर सब कुछ संभव है। विकसित भारत के सपने को साकार करने में देशवासियों की यही शक्ति बहुत काम आने वाली है।’’ मोदी ने संस्कृत का यह श्लोक भी साझा किया- ‘‘श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते। दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठत।’’

उन्होंने इस श्लोक का अर्थ समझाते हुए लिखा, ‘‘शुभ कार्यों से धन अर्जित होता है। यह साहस और आत्मविश्वास से बढ़ता है, कुशलता एवं दक्षता से स्थिर रहता है और संयम द्वारा सुरक्षित होकर राष्ट्र की प्रगति में सहायक बनता है।’’

ट्रंप ने कल मोदी से की बात, समझौते की घोषणा की

गौरतलब है कि सोमवार रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को लेकर बड़ा ऐलान किया और भारत से आने वाले सामान पर लगने वाला टैरिफ 25% से घटाकर 18% कर दिया। इसे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ताओं में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह घोषणा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद की, जिसके बाद उन्होंने लिखा कि यह फैसला 'दोस्ती और सम्मान' के आधार पर लिया गया है। यह कटौती तुरंत प्रभाव से लागू होगी, और इससे भारतीय निर्यातकों को अमेरिका में स्पष्ट प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। खासतौर पर चीन, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे एशियाई निर्यात प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले, जिन पर अब भी कहीं अधिक शुल्क लगता है।

ट्रैरिफ घटाया, पैनल्टी हटायी

टैरिफ में कमी के साथ ही अमेरिका ने वह 25% अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क (Penalty Tariff) भी हटाया है जो भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर लगाया गया था। ट्रंप प्रशासन ने पुष्टि की कि भारत ने अब रूसी तेल खरीद रोकने और अमेरिकी ऊर्जा सहित कई श्रेणियों में बड़े पैमाने पर आयात बढ़ाने पर सहमति दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम एक बड़े आर्थिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जो न केवल व्यापारिक अनिश्चितताओं को दूर करता है, बल्कि भारत‑अमेरिका रिश्तों में नए चरण की शुरुआत भी दर्शाता है। इस फैसले से भारतीय बाजार भावना सुधरी है और निर्यात‑उन्मुख उद्योगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

SCROLL FOR NEXT