सबिता राय, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सीएम शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह को ‘बड़े भाई’ और एनडीए के वरिष्ठ नेता के रूप में संबोधित करते हुए कहा, ‘‘बिहार में नीतीश कुमार और राजीव रंजन सिंह ने जिस तरह ‘जंगलराज’ को समाप्त कर सुशासन स्थापित किया था, हम भी उनके अनुभव की मदद चाहते हैं। पिछले 50 वर्षों से राज्य और केंद्र के बीच टकराव के कारण बंगाल काफी पीछे रह गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के संकल्प में बंगाल को प्रमुख भागीदार बनाने के लिए हम केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयास से इस राज्य को फिर से आत्मनिर्भर बनाएंगे।’’ दरअसल, सोमवार को न्यू टाउन में पशु संसाधन विकास विभाग की केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह के साथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी तथा संबंधित अधिकारियों की बंगाल में मछली पालन और जलीय कृषि (एक्वाकल्चर) के विकास पर समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक के बाद ही संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में सीएम ने केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह को बड़े भाई कहकर संबोधित किया।
केंद्र ने बंगाल को मछली पालन क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए मदद का भरोसा दिलाया :
केंद्र ने पश्चिम बंगाल को देश का सबसे बड़ा मछली उत्पादक राज्य बनने में मदद करने के लिए हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। केंद्रीय मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन सिंह ने सूखे की आशंका वाले दो जिलों में छह ‘अमृत सरोवर’ परियोजनाएं विकसित करने के लिए नौ करोड़ रुपये की मंजूरी का पत्र सौंपा है। लगभग डेढ़ घंटे चली इस बैठक में राज्य भर में मछली पालन और उससे जुड़े व्यवसायों के विकास पर चर्चा की गई, जिसमें तटीय, खारे पानी और पहाड़ी इलाके भी शामिल थे।
पश्चिम बंगाल, जो अभी देश का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक राज्य है, उसमें उत्पादन बढ़ाने और शीर्ष स्थान पर पहुंचने की अपार क्षमता है। सिंह ने भरोसा जताया कि चार महीने पहले राज्य में भाजपा सरकार के गठन के बाद से किए जा रहे काम से पश्चिम बंगाल को मछली उत्पादन में शीर्ष पर पहुंचने में मदद मिलेगी। उन्होंने सुंदरबन में ब्लैक टाइगर झींगा और मड क्रैब (केकड़े) के उत्पादन का केंद्र बनने की क्षमता पर भी जोर दिया।
सीएम ने कहा कि राज्य को अब प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत लाया गया है, जिससे मछुआरों को क्रेडिट (ऋण) सहित कई तरह के लाभ मिल सकेंगे। पश्चिम बंगाल में मछली पालन क्षेत्र में बहुत क्षमता है। हमने इस पर कई बार चर्चा की है। मैं राजीव रंजन सिंह का धन्यवाद करता हूं। हमारी सभी चिंताओं को सुनने के बाद, उन्होंने पश्चिम बंगाल में मछली पालन क्षेत्र के विकास के लिए नौ करोड़ रुपये सौंपे हैं।’’