वॉशिंगटन/इस्लामाबाद: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों और हिंसक झड़पों के बीच आज से तथाकथित विधानसभा चुनाव शुरू हो रहे हैं। 45 निर्वाचित सीटों के लिए मतदान तीन चरणों में 27 जुलाई, 2 अगस्त और 10 अगस्त को कराया जाएगा।
PoK की 53 सदस्यीय तथाकथित विधानसभा में 45 सीटों पर सीधे चुनाव होते हैं, जबकि आठ सीटें महिलाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और धार्मिक प्रतिनिधियों के लिए आरक्षित हैं।
PoK के चुनाव आयुक्त गुलाम मुस्तफा मुगल के अनुसार, पहले चरण में 27 जुलाई को मीरपुर डिवीजन की 13 सीटों पर मतदान होगा। दूसरे चरण में 2 अगस्त को मुजफ्फराबाद डिवीजन की 9 सीटों और सभी 12 शरणार्थी सीटों पर वोट डाले जाएंगे। तीसरे और अंतिम चरण में 10 अगस्त को पुंछ डिवीजन की 11 सीटों पर मतदान कराया जाएगा।
मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से 14,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इनमें लगभग 30 प्रतिशत जवान हथियारों से लैस हैं, जबकि 70 प्रतिशत को दंगा नियंत्रण उपकरण दिए गए हैं।
पिछले करीब दो महीनों से संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में PoK में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। संगठन की मुख्य मांग 12 शरणार्थी सीटों को समाप्त करने की थी। ये सीटें 1947 के बाद PoK में बसे शरणार्थियों के लिए आरक्षित की गई थीं।
प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में कई सुरक्षा कर्मियों समेत दर्जनों लोगों की मौत हुई। इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने पिछले महीने JAAC पर प्रतिबंध लगा दिया।
चुनाव में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) आमने-सामने हैं। दोनों दल केंद्र में गठबंधन सरकार का हिस्सा हैं। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने चुनाव का बहिष्कार किया है।
भारत लगातार कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश उसके अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं तथा पाकिस्तान इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों पर अवैध और जबरन कब्जा किए हुए है।
हाल ही में भारत ने PoK में जारी विरोध प्रदर्शनों को पाकिस्तान की दशकों पुरानी नीतियों, कथित शोषण और प्रशासनिक दमन का परिणाम बताया था। नई दिल्ली ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित बर्बर कार्रवाई की भी आलोचना की थी।