क्या कोर्ट दे सकता है नए चुनाव का आदेश
नई दिल्ली /कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में एक एसएलपी दायर की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नाम काटे जाने से चुनावी नतीजे प्रभावित हुए हैं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत,न जस्टिस जयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना के बेंच ने कई सवालों को उठाया।
सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने इस मामले में पैरवी करते हुए 31 विधानसभा क्षेत्रो का ब्यौरा दिया जहां एसआईआर के दौरान काटे गए नाम के मुकाबले जीत का अंतर कम था। बेंच ने सवाल किया कि क्या कोर्ट नए सिरे से चुनाव कराए जाने का आदेश दे सकता है। एडवोकेट बनर्जी में एक विधानसभा क्षेत्र का मिसाल देते हुए कहा कि वह जीत का अंतर सिर्फ 401 था जबकि आठ हजार से अधिक नाम काटे गए थे। चीफ जस्टिस ने सवाल किया कि क्या सभी ने इलेक्शन पिटिशन दायर किया है। एडवोकेट बनर्जी ने कहा कि कुछ पिटीशन दायर किए गए है। जस्टिस बागची ने कहा कि यह सवाल अहम है कि कितने इलेक्शन पिटिशन दायर किए गए हैं। बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अपीलेट ट्रिब्यूनल के सभी मामलों की जांच करना चाहता है।