निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हिंगलगंज: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से पहले चुनाव आयोग ने कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने उत्तर 24 परगना जिले के हिंगलगंज थाने के ओसी (प्रभारी अधिकारी) संदीप सरकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर बदमाशों के साथ सांठगांठ और राजनीतिक पक्षपात करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
गंभीर आरोपों के बाद गिरी गाज
चुनाव आयोग द्वारा गुरुवार देर रात जारी अधिसूचना के अनुसार, संदीप सरकार को शुक्रवार सुबह 11 बजे तक पद छोड़ने का निर्देश दिया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, आयोग को संदीप सरकार के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि वे स्थानीय असामाजिक तत्वों और एक विशेष राजनीतिक दल के साथ गुप्त रूप से जुड़े हुए हैं। साथ ही, चुनावी माहौल में सभी दलों के प्रति निष्पक्ष रहने में वे विफल रहे। 21 अप्रैल को सौंपी गई एक विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने यह सख्त कदम उठाया है।
हिंगलगंज: एक हाई-प्रोफाइल मुकाबला
हिंगलगंज इस चुनाव में एक 'हॉटस्पॉट' बना हुआ है। यहां भाजपा ने संदेशखाली आंदोलन का चेहरा रहीं रेखा पात्रा को उम्मीदवार बनाया है, जिनका मुकाबला टीएमसी की स्थानीय उम्मीदवार झरना सरदार से है। बांग्लादेश सीमा से सटे होने के कारण यह इलाका सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान में कोई गड़बड़ी न हो, ओसी को हटाकर नए अधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है।