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मासूम तामन्ना की मौत के 8 महीने बाद एक और आरोपी गिरफ्तार, न्याय की उम्मीद जगी

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

नदिया : पश्चिम बंगाल के कालीगंज में हुए उपचुनाव के दौरान हुई हिंसा और 9 वर्षीय मासूम बच्ची तामन्ना खातून की मौत के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। लगभग आठ महीने तक पुलिस की आँखों में धूल झोंकने के बाद, इस हत्याकांड का एक और मुख्य आरोपी साबिरुल शेख आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। सोमवार देर रात पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे कोना एक्सप्रेस-वे के पास से गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी के साथ ही तामन्ना खातून हत्याकांड में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या अब 11 हो गई है।

चुनाव परिणाम के दिन मची थी चीख-पुकार

यह दुखद घटना 23 जून 2025 की है, जब कालीगंज विधानसभा उपचुनाव के नतीजे घोषित किए जा रहे थे। दोपहर के समय जब राजनीतिक दलों के बीच तनाव चरम पर था, तभी मोलांदी गांव में अचानक बमबारी शुरू हो गई। इस भीषण बमबारी की चपेट में आने से मासूम तामन्ना खातून की जान चली गई थी। इस घटना ने न केवल इलाके को दहला दिया था, बल्कि पूरे राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद इस मामले पर संज्ञान लेते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने और उन्हें कठोरतम सजा देने का निर्देश पुलिस को दिया था।

फरार आरोपियों की तलाश और मां का संघर्ष

पुलिस ने शुरुआत में सक्रियता दिखाते हुए घटना के 24 घंटों के भीतर ही तीन आरोपियों को धर दबोचा था। बाद में चरणबद्ध तरीके से सात और गिरफ्तारियां हुईं। हालांकि, इस मामले में कुल 24 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी। महीनों बीत जाने के बाद भी जब मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर रहे, तो मृतका की मां, सबीना खातून का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बाकी दोषियों को पकड़ने में ढिलाई बरत रही है।

बेटी को खोने के गम और न्याय में हो रही देरी से टूटकर सबीना खातून ने पिछले दिनों आत्महत्या करने का प्रयास भी किया था। अस्पताल में इलाज के बाद जब उनकी स्थिति में सुधार हुआ, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपनी बेटी के हत्यारों को सलाखों के पीछे देखने के लिए मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहती हैं।

पुलिस पर बढ़ा दबाव और अगली कार्रवाई

सबीना खातून के कड़े रुख और जन आक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ गया था। आरोपी साबिरुल शेख घटना के बाद से ही अपना ठिकाना बदल-बदल कर रह रहा था। पुलिस की स्पेशल टीम लगातार उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी और आखिरकार सोमवार रात उसे दबोच लिया गया।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब साबिरुल से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में शामिल अन्य 13 आरोपी कहाँ छिपे हुए हैं। तामन्ना के परिवार ने इस गिरफ्तारी पर संतोष तो जताया है, लेकिन उनका कहना है कि जब तक सभी 24 आरोपी पकड़े नहीं जाते, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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