केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की पूरी चुनावी प्रक्रिया लगभग समाप्त होने के साथ ही निर्वाचन आयोग ने राज्य में तैनात विशेष पर्यवेक्षकों को उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया है। साथ ही आयोग ने राज्यभर में आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) तत्काल प्रभाव से हटाने की घोषणा कर दी है। हालांकि दक्षिण 24 परगना की 144-फलता विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान के आदेश के कारण वहां अभी आचार संहिता लागू रहेगी।
जारी आदेश
निर्वाचन आयोग ने 7 मई को जारी आदेश में पश्चिम बंगाल के लिए नियुक्त विशेष पर्यवेक्षक रहे सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुब्रत गुप्ता और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एनके मिश्रा को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया। आयोग ने कहा कि राज्य में चुनाव प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है, इसलिए अब उनकी सेवाओं की आवश्यकता नहीं है। आयोग ने दोनों अधिकारियों से तैनाती संबंधी स्व-प्रमाणन दस्तावेज और मानदेय भुगतान के लिए रद्द चेक की प्रति जमा करने को कहा है।
नवंबर 2025 से संभाल रहे थे जिम्मेदारी
सुब्रत गुप्ता को नवंबर 2025 में विशेष पर्यवेक्षक बनाया गया था, जबकि एन.के. मिश्रा को फरवरी 2026 में पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था और चुनावी निगरानी के लिए नियुक्त किया गया था। चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की तैनाती, संवेदनशील बूथों की निगरानी और मतगणना प्रक्रिया पर इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
फलता सीट छोड़ पूरे बंगाल में हटी आचार संहिता
निर्वाचन आयोग ने अलग आदेश में स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल सहित असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के परिणाम घोषित होने के बाद आदर्श आचार संहिता समाप्त हो गई है। हालांकि पश्चिम बंगाल की 144-फलता विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान के कारण वहां फिलहाल आचार संहिता लागू रहेगी। इस फैसले के बाद अब राज्य सरकार प्रशासनिक नियुक्तियों, विकास योजनाओं और नीतिगत फैसलों को तेजी से आगे बढ़ा सकेगी।