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दिल्ली से आया से आया फरमान, बंगाल के चार अधिकारी और डेटा एंट्री ऑपरेटर पर FIR

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने का आरोप दिल्ली से आया FIR का सीधा आदेश राज्य-आयोग में टकराव फिर आया सामने

Krishna Das Parth

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : कोलकाता में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के मामले ने एक बार फिर राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच टकराव को तेज कर दिया है। दिल्ली से सीधे हस्तक्षेप करते हुए चुनाव आयोग ने बंगाल के दो जिलों के जिला मजिस्ट्रेटों को चार अधिकारियों समेत एक डेटा एंट्री ऑपरेटर के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है। आयोग ने इस कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है।

चुनाव आयोग का सख्त रुख

वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी को गंभीर मानते हुए चुनाव आयोग ने राज्य के चार अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दोहराया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि आदेश का पालन संबंधित जिला मजिस्ट्रेट और जिला मुख्य चुनाव अधिकारी (DEO) सुनिश्चित करेंगे।

किन जिलों और क्षेत्रों का मामला

यह मामला दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर पूर्व और पूर्वी मेदिनीपुर के मैना विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा है। इन क्षेत्रों में मतदाता सूची संशोधन के दौरान अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे।

पहले हो चुका है निलंबन

आयोग पहले ही दो ERO (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) और दो AERO (असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) को सस्पेंड कर चुका है। ये अधिकारी उन्हीं विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची के काम की देखरेख कर रहे थे।

राज्य सरकार और आयोग में टकराव

इस आदेश को लेकर राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच पहले भी टकराव हो चुका है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ कहा था कि वह संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने देंगी। इसके बाद आयोग का आदेश लागू नहीं हो पाया।

दिल्ली से सीधे आदेश

राज्य सरकार की निष्क्रियता के बाद आयोग ने इस बार दिल्ली से सीधे जिला मजिस्ट्रेटों और DEO को FIR दर्ज कराने का निर्देश दिया है। आयोग ने यह भी कहा है कि कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए।

किन अधिकारियों पर FIR का आदेश

बारुईपुर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में कार्यरत

देवोत्तम दत्ता चौधरी (ERO)

तथागत मंडल (AERO)

मैना विधानसभा क्षेत्र में कार्यरत

बिप्लव सरकार (ERO)

सुदीप्ता दास (AERO)

इसके अलावा, सुरजीत हलदर, एक डेटा एंट्री ऑपरेटर, के खिलाफ भी FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया है।

क्या हैं आरोप

चारों अधिकारियों पर वोटर लिस्ट में गलत नाम शामिल करने और चुनाव आयोग के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन डेटाबेस (ERO Net) की गोपनीयता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप है।


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