निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा: डीवीसी द्वारा छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा बढ़ाने से दामोदर और मुंडेश्वरी नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। मुंडेश्वरी नदी में उफान के कारण द्वीपांचल के कई हिस्सों में मैदान और रास्ते डूबने लगे हैं, जबकि दामोदर नदी का पानी बढ़ने से उदयनारायणपुर के तटीय इलाकों में कृषि योग्य भूमि जलमग्न हो गई है। सिंचाई विभाग के अनुसार, यदि 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है, तो तटबंधों को पार कर पानी गांवों में प्रवेश कर सकता है। मुंडेश्वरी का जलस्तर बढ़ने से भाटोरा ग्राम पंचायत के उत्तर भाटोरा गाएन पाड़ा और दक्षिण भाटोरा के निचले इलाकों में पानी घुसना शुरू हो गया है। स्थिति का जायजा लेने हावड़ा की जिलाधिकारी पी. दीपाप प्रिया ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। अब तक लगभग 200 लोगों को सुरक्षित आश्रयों में ले जाया गया है। ब्लॉक प्रशासन का अनुमान है कि कुछ और निचले इलाके जलमग्न हो सकते हैं।
प्रशासन सतर्क, अस्पतालों में एंटी-वेनम और राहत शिविर लगाए गए
आपदा प्रबंधन टीम को अलर्ट पर रखा गया है और गर्भवती महिलाओं को उदेनारायणपुर स्टेट जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विभिन्न स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को राहत शिविर के रूप में चिह्नित किया गया है। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में एंटी-वेनम का स्टॉक रखा गया है।