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बनारसी साड़ी में बुनी दुर्गा पूजा की संस्कृति और संवेदना

विवेकानंद स्पोर्टिंग क्लब के पंडाल में दिखेगा काशी-बंगाल की कला का संगम

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : इस वर्ष दुर्गा पूजा पंडालों में भव्यता के साथ गहराई से जुड़े थीमों का प्रदर्शन हो रहा है। पारंपरिक शिल्प, आधुनिक इंस्टालेशन और सांस्कृतिक धरोहरों को समेटे पंडाल न केवल मां दुर्गा की आराधना का केंद्र बने हैं, बल्कि समाज और जीवन दर्शन का संदेश भी दे रहे हैं। कहीं पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा है, तो कहीं भारतीय दर्शन का चित्रण।

बनारसी साड़ी में बुनी संस्कृति और संवेदना को दिखाएगा क्लब

विवेकानंद स्पोटिंग क्लब का थीम 'तनाबाना' दुर्गा पूजा मंडप की सजावट का एक सृजनात्मक विचार है, जिसका केंद्रीय भाव बनारसी साड़ी है। यह साड़ी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि काशी की सांस्कृतिक धरोहर, बुनकर की कला और बंगाली नारी की भावनाओं का सुंदर संगम है। बनारसी साड़ी के हर धागे में इतिहास, परंपरा और एक स्त्री की अनकही कहानियां बुनी होती हैं। 'तनाबाना' शब्द बुनाई की प्रक्रिया का प्रतीक है, जो बंगाल और वाराणसी की सांस्कृतिक कड़ी को जोड़ता है। मंडप की सजावट में साड़ी के डिजाइन जैसे 'शिकारगाह', 'बूटी' और 'तुरंज' इसकी रूपात्मक कहानी को जीवंत करेंगे। इस थीम के आर्टिस्ट दीपांजन दे हैं।

23 लाख की लागत से बना भव्य पंडाल

विवेकानंद स्पोर्टिंग क्लब के सदस्य प्रेमतोष लोध ने बताया कि इस बार पंडाल का बजट 23 लाख रुपये रखा गया है। पूजा समिति अपने 60वें वर्ष में प्रवेश कर रही है, जो एक विशेष उपलब्धि है। इस बार मां दुर्गा की प्रतिमा 8 फीट ऊंची बनाई गई है, जो अत्यंत भव्य और आकर्षक दिखाई दे रही है।

पंडाल तक कैसे पहुंचें?

यदि आप विवेकानंद स्पोर्टिंग क्लब के पंडाल तक जाना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको रवींद्र सरोवर मेट्रो स्टेशन तक आना होगा। इसके बाद वहां से बस या ऑटो का उपयोग करके हरिदेवपुर पहुंचना होगा, जहां पंडाल स्थित है। यह मार्ग सबसे सुविधाजनक और आसान है।

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