केडी पार्थ , सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंगूर की जनसभा में दुर्गा पूजा को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किए जाने को भाजपा सरकार की बड़ी सांस्कृतिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक उत्सव को मिली पहचान नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल की आस्था, कला और परंपरा को वैश्विक मंच पर सम्मान मिला है।
बंगाल की पहचान को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान
पीएम मोदी ने कहा कि दुर्गा पूजा बंगाल की आत्मा है, जिसमें भक्ति, कला, संगीत और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यूनेस्को की मान्यता से दुनिया अब बंगाल की इस परंपरा को और गहराई से जानेगी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान हर बंगाली के गौरव का विषय है।
भाजपा सरकार के प्रयासों का परिणाम
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा को यूनेस्को की सूची में शामिल कराना वर्षों की मेहनत और केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इससे पहले की सरकारें चाहतीं तो यह काम बहुत पहले हो सकता था, लेकिन इसे कभी प्राथमिकता नहीं दी गई।
कला, कारीगर और कलाकारों को नई पहचान
पीएम मोदी ने कहा कि इस वैश्विक मान्यता से दुर्गा पूजा से जुड़े कारीगरों, मूर्तिकारों, कलाकारों और शिल्पकारों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। इससे उनकी कला को नया बाजार मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
संस्कृति से जुड़े पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि यूनेस्को टैग मिलने से दुर्गा पूजा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का बड़ा केंद्र बनेगी। विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को सीधा लाभ मिलेगा।
विकास और विरासत का भाजपा मॉडल
पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा विकास के साथ-साथ विरासत को भी समान महत्व देती है। दुर्गा पूजा को मिली यह मान्यता उसी सोच का प्रमाण है, जिसमें संस्कृति को बोझ नहीं, बल्कि ताकत माना जाता है।
बंगाल की संस्कृति को सम्मान देने का संकल्प
सभा के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार बंगाल की संस्कृति, परंपरा और आस्था को और मजबूती देने के लिए निरंतर काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा की वैश्विक पहचान बंगाल की शक्ति और संभावनाओं का प्रतीक है।